SIR के खिलाफ हुंकार भरेंगी ममता बनर्जी,वोटर लिस्ट को लेकर देने जा रही है धरना

 SIR के खिलाफ हुंकार भरेंगी ममता बनर्जी,वोटर लिस्ट को लेकर देने जा रही है धरना
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गयी है. रविवार को बीजेपी ने बंगाल में नौ परिवर्तन यात्राएं शुरू की. इसके साथ ही ऐलान किया कि 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में सभा होगी. इस सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे. चुनाव से पहले बीजेपी की यह बड़ी सभा होगी. दूसरी ओर, बंगाल में फाइलन वोटर लिस्ट जारी की गयी है. इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला तेज कर दिया है.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वोटर लिस्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के खिलाफ धरने पर बैठने जा रही हैं. पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ऐलान किया है कि वह शुक्रवार, 6 मार्च को दोपहर 2 बजे से कोलकाता के मेट्रो चैनल पर धरने पर बैठेंगी.

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बता दें कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी की परिवर्तन यात्रा रविवार से राज्य के कई हिस्सों में शुरू हो गई है. बीजेपी के कई केंद्रीय नेता परिवर्तन यात्रा के लिए राज्य में आ रहे हैं.शनिवार को बंगाल में SIR की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई. विधानसभा चुनाव की तारीख कुछ ही दिनों में घोषित हो सकती है. चुनाव की घोषणा से पहले ही राजनीतिक पार्टियां मैदान में उतर गई हैं.ममता बनर्जी वोटर लिस्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के खिलाफ धरने पर बैठने जा रही हैं. अभिषेक बनर्जी ने कहा, “ममता बनर्जी 6 मार्च को कोलकाता मेट्रो चैनल पर धरना देंगी और विरोध करेंगी.” अभिषेक ने यह भी इशारा किया कि ममता उसी दिन अपने अगले प्रोग्राम का ऐलान कर सकती हैं.शनिवार को वोटर लिस्ट के पहले फेज के पब्लिकेशन के बाद देखा गया कि करीब 63 लाख वोटर्स के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं. इसके अलावा, यह भी कहा गया है कि दूसरे 60 लाख वोटर्स के नाम ‘अंडर कंसीडरेशन’ हैं.तृणमूल कांग्रेस के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा पब्लिश की गई लिस्ट से बड़ी संख्या में वैलिड वोटर्स को गलत तरीके से बाहर कर दिया गया है, जो डेमोक्रेटिक प्रोसेस के खिलाफ है.तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि प्रशासनिक लापरवाही और SIR के नाम पर जानबूझकर लिए गए फैसलों की वजह से आम लोगों को उनके वोटिंग राइट्स से दूर किया जा रहा है. आरोप है कि माइनॉरिटी, माइग्रेंट वर्कर और मार्जिनलाइज्ड कम्युनिटी के वोटर खास तौर पर प्रभावित हो रहे हैं. मुख्यमंत्री खुद इसका विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर रही हैं।पार्टी ने बताया है कि धरना शांतिपूर्ण होगा और इलेक्शन कमीशन से मांग की जाएगी कि बाहर किए गए वोटरों के नाम तुरंत लिस्ट में जोड़े जाएं. साथ ही, यह भी संकेत दिया गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है.वैसे, बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल का SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से ही इलेक्शन कमीशन के साथ टकराव चल रहा है और चुनाव से पहले यह टकराव और तेज होने के आसार हैं।

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