पाकिस्तान के परमाणु धमकी पर भारतीय सेना का सख्त रुख,भारत देगा कड़ा जवाब!
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बीच भारतीय सेना ने साफ संदेश दिया है कि अब पाकिस्तान की परमाणु धमकियों का कोई असर नहीं होगा। पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना की रणनीति बदल चुकी है और अगली कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा कड़ी होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत अब सिर्फ जवाब नहीं देगा बल्कि जमीन पर निर्णायक जीत हासिल करने की तैयारी में है।पठानकोट में आयोजित एक सैन्य सम्मान समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सभी बड़े आतंकी ठिकानों पर हमला किया था।

इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन भारतीय सेना ने उनके सैन्य और हवाई ठिकानों को भी तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए थे कि पाकिस्तान को सीधे और अन्य देशों के जरिए युद्धविराम की मांग करनी पड़ी। सेना प्रमुख ने कहा कि अगली बार जवाब और ज्यादा कठोर होगा।लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार दी जाने वाली परमाणु युद्ध की धमकियों को ‘न्यूक्लियर ब्लफ’ बताया। उन्होंने कहा कि यह कमजोरी छिपाने की कोशिश है। उनके मुताबिक पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व व्यवस्था संघर्ष को जिंदा रखकर अपनी अहमियत बनाए रखना चाहती है। भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर उकसाया गया तो इस बार जवाब सीमित नहीं रहेगा और दुश्मन को दुनिया के सामने हार स्वीकार करनी पड़ेगी।सेना अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल जीत का जश्न नहीं बल्कि भविष्य की तैयारी का प्रदर्शन था। उन्होंने बताया कि सेना अब तकनीकी आत्मनिर्भरता पर तेजी से काम कर रही है। खास तौर पर ड्रोन तकनीक, आधुनिक हथियार और 100 प्रतिशत उपकरण तैयार स्थिति में रखे जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी युद्ध में सबसे बड़ी ताकत भारतीय जवान ही हैं, जिनकी ट्रेनिंग लगातार मजबूत की जा रही है।लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और सेना पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सैनिक किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं। उनका साफ संदेश था कि अगर पाकिस्तान ने फिर कोई गलती की तो इस बार जवाब सिर्फ आतंकी ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसा होगा कि दुश्मन लंबे समय तक याद रखेगा।
