ममता बनर्जी के गढ़ से भाजपा करेगी चुनावी शंखनाद,अमित शाह ने बिछाई सियासी बिसात
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन राज्य में सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है. साल 2026 के इस चुनावी महासमर को भारतीय जनता पार्टी ने अपनी प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है. राज्य में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही भाजपा इस बार सत्ता के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है.बीजेपी के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह खुद इस चुनावी बिसात को बिछा रहे हैं. इसी कड़ी में पार्टी ने राज्य भर में ‘परिवर्तन यात्रा’ का मेगा प्लान तैयार किया है, जिसके जरिए भाजपा हर विधानसभा सीट तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में है.पार्टी सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2 मार्च को हावड़ा पहुंचेंगे, जहां वे विशाल जनसभा को संबोधित कर ‘परिवर्तन यात्रा’ का विधिवत शुभारंभ करेंगे. भाजपा ने पूरे राज्य में जनता तक अपने संदेश पहुंचाने के लिए कुल 9 परिवर्तन यात्राएं निकालने का फैसला किया है. ये यात्राएं अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी. पूरे अभियान के दौरान 60 से अधिक बड़ी जनसभाएं और 300 से ज्यादा छोटी सभाएं आयोजित की जाएंगी.भाजपा की इस चुनावी रणनीति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार और संगठन के लगभग सभी बड़े चेहरे बंगाल की सड़कों पर उतरने वाले हैं।

राजनाथ सिंह के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जैसे नेता अलग-अलग स्थानों पर इन यात्राओं की कमान संभालेंगे.सभी 9 परिवर्तन यात्राओं का समापन मार्च के अंत में कोलकाता में होगा. इस मौके पर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक ऐतिहासिक रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. पार्टी इस रैली को एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है, जो चुनाव की घोषणा से ठीक पहले राज्य में सत्ता परिवर्तन की लहर को और तेज करेगी.गौरतलब है कि बंगाल में भाजपा को एक मजबूत शक्ति के रूप में खड़ा करने का श्रेय अमित शाह की माइक्रो-प्लानिंग को दिया जाता है. 2021 के चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया था. इस बार अमित शाह का लक्ष्य ‘मिशन बंगाल’ को पूर्ण बहुमत के साथ अंजाम तक पहुंचाना है. चुनाव से महीनों पहले ही भाजपा ने अपना ‘वार रूम’ सक्रिय कर दिया है।वहीं, बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी सरकार बनाने का दावा कर दिया है। हालांकि, सीएम ममता की टीएमसी ने पलटवार भी किया है। उनके नेताओं की ओर से भी दावा किया जा रहा है कि उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आएगी।कोलकाता में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता शुभंकर सरकार ने कहा कि बंगाल में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। जब किसी असली वोटर का नाम हटाया जा रहा है, तो डर का माहौल बन रहा है।उधर, टीएमसी ने कहा था कि एसआईआर की इजाजत नहीं दी जाएगी। हमने पहले ही कहा था कि एसआईआर की इजाज़त दी जानी चाहिए, लेकिन यह संविधान के हिसाब से होना चाहिए।हाल ही में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारेगी। गुलाम अहमद मीर ने कहा था कि कांग्रेस टीएमसी के साथ मिलकर चुनाव में नहीं लड़ेगी।उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी की पूरी तैयारी है। हमारा मेनिफेस्टो भी आखिरी चरण में है। अगले सप्ताह से 10 दिन के भीतर मेनिफेस्टो पूरी तरह तैयार हो जाएगा। हमारा मेनिफेस्टो बंगाल की जनता से बातचीत करके, उनकी समस्याओं और मांगों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
