ट्रंप की नजरें ग्रीनलैंड पर,अब इस क्षेत्र को बनाएगा अपना
अमेरिका में एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या ग्रीनलैंड को अमेरिका का राज्य बनाया जा सकता है? इस संदर्भ में एक अमेरिकी सांसद की ओर से संसद (कांग्रेस) में बिल पेश किए जाने की खबर आई है. कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सांसद का समर्थन किया है. यह मुद्दा नया नहीं है, लेकिन हर बार यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, संप्रभुता और अमेरिकी संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम सवाल खड़े करता है.आइए जानते हैं कि क्या अमेरिका ने पहले भी बिल लाकर या अन्य तरीकों से कुछ देशों या क्षेत्रों को अपने में शामिल किया है? अमेरिका ने किन क्षेत्रों को किस तरह अपने अधीन किया; और यदि अमेरिकी संसद आया बिल पास नहीं होता तो उसका क्या अर्थ और प्रभाव होगा?अमेरिकी इतिहास बताता है कि अमेरिका ने कई बार संसद की मंजूरी से नए क्षेत्रों को अपने में शामिल किया है. अमेरिकी संविधान के अनुसार, किसी भी नए राज्य को संघ में शामिल करने का अधिकार कांग्रेस के पास है.

यह प्रक्रिया आम तौर पर किसी क्षेत्र के अधिग्रहण, वहां की स्थानीय सहमति और फिर कांग्रेस में कानून पारित होने के बाद पूरी होती है.सबसे प्रसिद्ध उदाहरण लुइसियाना खरीद (1803) है. अमेरिका ने फ्रांस से लगभग 15 मिलियन डॉलर में एक विशाल भू-भाग खरीदा, जिससे देश का आकार लगभग दोगुना हो गया. इसके बाद यह क्षेत्र धीरे-धीरे अलग-अलग राज्यों में विभाजित हुआ. यह 30 अप्रैल साल 1812 में अमेरिका के 18 वें राज्य के रूप में मान्य हुआ. इसी तरह फ्लोरिडा को स्पेन से संधि के जरिए अमेरिका ने हासिल किया और 3 मार्च 1845 को इसे 27 वें राज्य के रूप में मान्यता मिली. अलास्का को 1867 में रूस से खरीदा गया लेकिन इसे राज्य का दर्जा 3 जनवरी 1959 को मिला. इन सभी मामलों में अंततः कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक थी. यानी अमेरिका में नए क्षेत्र को शामिल करना केवल राष्ट्रपति की इच्छा से संभव नहीं होता, बल्कि विधायी प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य है.
