पप्पू यादव को मिल पाएगी जमानत या जेल में हीं कटेगी दिन और रात?
बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शनिवार को पटना की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत अब उनकी जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी।31 साल पुराने मामले में पटना पुलिस ने शुक्रवार की रात को सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया था। पप्पू यादव के अधिवक्ता ऋषिकेश सिंह ने बताया कि अदालत ने दो दिनों की न्यायिक हिरासत में उन्हें भेजने का आदेश दिया है। जमानत की याचिका पर 9 फरवरी को सुनवाई होगी।पप्पू के वकील ने आगे बताया कि सांसद पप्पू यादव के स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी नहीं थी। यह अदालत ने खुद देखा। वहीं, पप्पू यादव के समर्थक प्रेमचंद सिंह ने कहा- राज्य प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है।

कोर्ट ने साफ आदेश दिया था कि उन्हें सीधे कोर्ट से PMCH ले जाया जाए, पुलिस ने उन्हें सीधे बेउर जेल लेकर पहुंच गई। बता दें कि बेउर जेल में मोकामा विधायक अनंत सिंह भी बंद हैं।पप्पू के समर्थकों का कहना है कि ऐन वक्त पर पुलिस ने अपना फैसला बदला। उन्हें पीएमसीएच ले जाने के बजाय बेउर जेल लेकर पहुंच गई। इस बारे में अधिकारियों ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद, उन्हें पटना की बेउर जेल में रखा गया है। हालांकि, उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए, उन्हें मेडिकल इलाज के लिए पुलिस हिरासत में पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ही रखा जाएगा।पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात उनके पटना के मन्दिरी स्थित घर से हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सुनवाई प्रक्रिया के दौरान बार-बार गैरमौजूद रहने के कारण अदालत द्वारा जारी संपत्ति अटैचमेंट वारंट के बाद की गई।यह मामला 1995 में गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी विवाद से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, घर के मालिक ने आरोप लगाया कि सांसद ने धोखे से उनकी संपत्ति अपने ऑफिस चलाने के लिए ले ली थी।शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने दावा किया कि उनका घर धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद के ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल किया गया, एक ऐसा तथ्य जिसे उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के समय छिपाया गया था।इधर, पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पप्पू यादव ऐसे तो निर्दलीय सांसद हैं, लेकिन उनके समर्थन में कांग्रेस उतर आई है।पप्पू यादव ने कहा था कि उन्हें संदेह है कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. उन्होंने कहा कि वह पुलिस स्टेशन जाने के बजाय सीधे अदालत जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें अगले दिन तलब किया था और सुझाव दिया था कि उन्हें नजरबंद किया जा सकता है. यादव ने पुलिस के सादे कपड़ों में आने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पहले लगा था कि पुलिस उन्हें जान से मारने आई है. मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला करीब 35 साल पहले दर्ज किया गया था.उन्होंने कहा था कि मुझे शक है कि मेरी हत्या की होगी, मैं सीधे अदालत जाऊंगा, मैं पुलिस स्टेशन नहीं जाऊंगा. अगर वे चाहें तो मुझे नजरबंद कर सकते हैं. अदालत ने मुझे बुलाया है. पुलिस वाले अपराधियों की तरह सादे कपड़ों में यहां आए थे. मुझे लगा कि वे मुझे मारने आए हैं. क्या यह किसी अपराधी का घर है? करीब 35 साल पहले एक मामला दर्ज हुआ था और पुलिस उसी मामले के सिलसिले में मुझे गिरफ्तार करने आई है।
