भारत के साथ नेपाल का खत्म होगा रोटी-बेटी का संबंध?बालेन शाह के नया फरमान से बढ़ा तनाव
नेपाल सरकार ने भारत से ₹100 से अधिक की खरीद पर नया कस्टम शुल्क नियम लागू किया है। नेपाली नागरिक इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि यह भारत-नेपाल के “रोटी-बेटी” रिश्ते को प्रभावित कर सकता है।नेपाल सरकार के नए कस्टम नियम के तहत भारत से 100 रुपये से अधिक की खरीद पर शुल्क अनिवार्य है। नेपाल में नई सरकार का नया फरमान जारी किया है। अब भारत से सौ रूपये से अधिक सामान की खरीददारी पर कस्टम ड्यूटी (शुल्क) देकर ही आगे जा सकते हैं।इस नियम की अनदेखी महंगी पड़ सकती है तथा खरीदे गया आपका सामान जब्त किया जा सकता है। हालांकि नया नियम मंगलवार से लागू किया गया है लेकिन जोगबनी सीमा पर फिलहाल असर नहीं देखा जा रहा है। नेपाली ग्राहक निर्बाध रूप से जोगबनी से सामान खरीद आ जा रहे हैं।इस संबंध में नेपाली नागरिक शर्मिला थापा व विशाल थापा ने बताया कि दो वर्ष पूर्व भी यह नियम लागू किया गया था लेकिन चल नहीं पाया और एक माह में ही नियम निष्क्रिय हो गया। इस बार पुनः बालेन सरकार द्वारा यह नियम लागू किया गया है।लोगों ने सरकार के इस नियम का विरोध स्वरूप कहा कि भारत नेपाल के बीच पड़ोसी देश का ही रिश्ता नहीं है अपितु दोनों देश के बीच बेटी रोटी का अटूट रिश्ता है। ऐसे में यह नियम रिश्तों में दरार डालने का काम करेगा।

जानकारों की मानें तो बीते सप्ताह मोरंग उद्योग व्यापार संगठन में हुई बैठक में सरकार अर्थ सचिव सहित कई अधिकारी की मौजूदगी में तस्करी, सीमा पार भारतीय क्षेत्रों के बाजारों से खरीददारी सहित कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए खुली सीमा का दुरूपयोग से नेपाल का अर्थ व्यवस्था को नुकसान की बात कही गई थी।भारत से सौ रुपए से अधिक के खरीददारी पर नेपाल सरकार के नया नियम जोगबनी सीमा पर बेअसर साबित हो रहा है।एक ओर आमजन जोगबनी से सामान खरीददारी कर नेपाल जा रहे हैं वहीं खुले आम तस्करी का कारोबार बदस्तूर जारी है। लोगों में न तो नये नियम का फिलहाल कोई खौप है और न ही तस्करों को नेपाल सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस व नेपाल आर्म्स फोर्स की।इधर नेपाल सीमा से सटे जोगबनी बाजार मुख्य रूप से नेपाल के ग्राहकों पर निर्भर है। नेपाल सरकार के नये नियम से व्यापारी असमंजस की स्थिति में है। दुकानदार का कहना है कि अगर यह नियम सख्ती से बालेन सरकार द्वारा लागू करता है तो इसका सीधा असर जोगबनी बाजार पर पड़ेगा।दुकानदार की माने तो तो इस नियम से जोगबनी बाजार प्रभावित होगा ही साथ ही इसका असर दिल्ली व पटना के बाजारों पर भी होगा क्योंकि जोगबनी की खपत ख़ासकर किराना और कपड़ा नेपाल में अधिक होती है चाहे तस्करी से ही क्यों न होती है।जब नेपाल का ग्राहक यहां कम होगा तो बिक्री अपने आप कम हो जाएगी।
