JDU विधायक दल का कौन बनेगा नेता?मुख्यमंत्री आवास पर आज बुलाई गई बड़ी बैठक
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जदयू में विधानमंडल दल का नेता कौन होगा इस पर भी चर्चा शुरू है. जेडीयू ने 20 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई है. सरकार में जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं, विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव. लेकिन विधानमंडल दल का नेता कौन होगा? इस पर अभी भी संशय है. नीतीश कुमार के विधान परिषद और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जदयू विधानमंडल दल के नेता का पद भी खाली हो गया है. कई नाम पर कयास लगाए जा रहे हैं. नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उन्होंने 20 अप्रैल को विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है. पहले यह बैठक उनके नये आवास 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगला में होना था, लेकिन उसे बदलकर अब मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग किया गया है.जदयू विधान मंडल दल का नेता कौन होगा? इस सवाल पर नीतीश कुमार के खास और एमएलसी संजय गांधी का कहना है कि विधानमंडल दल की बैठक में इस पर फैसला होगा. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी रहेंगे और सभी विधानमंडल दल के सदस्य भी रहेंगे. सब मिलकर तय करेंगे क्या निशांत भी नेता हो सकते हैं? संजय गांधी ने कहा की संभावना तो है लेकिन निशांत खुद कह रहे हैं कि पहले हम पूरा बिहार घूमेंगे.जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का कहना है कि विधान मंडल दल के बैठक में ही नेता का चयन होगा. इसकी जानकारी आप लोगों को दी जाएगी. हम लोग की पार्टी में सब मिलकर फैसला लेते हैं. तभी पता चल सकेगा कि कौन जेडीयू विधान मंडल दल का नेता होगा.हालांकि जदयू के नेता और कार्यकर्ता चाहते हैं निशांत विधान मंडल दल का नेता बने पार्टी की कमान निशांत के पास जाए, जिससे पार्टी में एक नई ऊर्जा पैदा हो. निशांत के पार्टी में एक्टिव होने से कई नेता खुश हैं, कह रहे हैं कि हम लोग तो चाहेंगे कि निशांत ही बनें. फिलहाल ऐसे कई नाम पर चर्चा जरूर हो रही है जिसमें श्रवण कुमार का भी नाम लिया जा रहा है.राजनीतिक विशेषज्ञ भोलानाथ का कहना है जदयू विधान मंडल दल का नेता नीतीश कुमार का कोई खास ही बनेगा. विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम बना बना दिया गया है, उनके पास कई विभाग भी है. श्रवण कुमार भी आने वाले समय में मंत्री बनेंगे, वही संजय गांधी भी नीतीश कुमार के खास माने जाते हैं.

विधान पार्षद हैं इन्हीं सब में से किसी को नीतीश कुमार जिम्मेवारी दे सकते हैं.विधानसभा में जदयू के 85 विधायक हैं विधान परिषद में भी जदयू के 20 से अधिक सदस्य हैं. बीजेपी के बाद विधानसभा और विधान परिषद में जदयू ही दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, ऐसे में जो भी विधानमंडल का नेता होगा उसके ऊपर जिम्मेदारी बड़ी होगी.पिछले 20 सालों से नीतीश कुमार ही विधान मंडल दल के नेता बनते रहे हैं. अब नीतीश कुमार विधान परिषद और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं, ऐसे में कौन नेता होगा पार्टी के अंदर चर्चा हो रही है. पार्टी के नेता-कार्यकर्ता अपने हिसाब से प्रयास लगा रहे हैं. बिहार में जब नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार का गठन हो रहा था, उस समय जदयू विधानमंडल की बैठक नहीं हुई थी. अब सरकार बनने के बाद बैठक होने जा रही है. निशांत फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं है. विधानमंडल दल के नेता के चयन में उनके लिये सबसे बड़ी बाधा है. श्रवण कुमार के नाम पर भी चर्चा हो रही है. विधानसभा में श्रवण कुमार की बड़ी भूमिका होती है, लेकिन जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम बनाये गए हैं. विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव, दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और इसलिए इन दोनों में से भी किसी एक को बनाया जा सकता है. हालांकि फैसला जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को ही करना है. अब देखना है जदयू विधान मंडल दल की बैठक में किस पर मुहर लगता है।
