बंगाल कूच करने की तैयारी में जुटे सम्राट चौधरी,पिछड़े वोट पर है भाजपा की नजरें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ‘मिशन बंगाल’ की तैयारी कर चुके हैं. योगी आदित्यनाथ के बाद भारतीय जनता पार्टी उनको भी बतौर मुख्यमंत्री जंग के मैदान में उतारने जा रही है. बिहार के कई पड़ोसी जिले बंगाल से लगते हैं और कई जिलों में बिहार की आबादी अच्छी खासी है. बिहार से एकमात्र नेता सम्राट चौधरी को भाजपा ने स्टार प्रचारक बनाया था. अब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बन चुके हैं और भाजपा उनके चेहरे और कद का फायदा बंगाल में उठाना चाहती है.भारतीय जनता पार्टी पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल में नई सामाजिक समीकरण बनाने की रणनीति तैयार कर चुकी है. पार्टी की नजर 12 फीसदी बिहारी मूल के मतदाता और करीब 8 फीसदी पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वोट बैंक पर है. सम्राट चौधरी के जरिए भाजपा दोनों ही वोटर को अपनी ओर मोड़ना चाहती है.पश्चिम बंगाल में कुछ जिले ऐसे हैं, जहां बिहारी मूल के मतदाता और ओबीसी आबादी अहम मानी जाती है. खासतौर पर औद्योगिक और सीमावर्ती इलाकों में यह प्रभाव ज्यादा दिखता है. मिसाल के तौर पर कोलकाता, हावड़ा और हुगली में लंबे समय से बिहार-यूपी के प्रवासी मजदूर और व्यापारी वर्ग की घनी आबादी है.इसके अलावा उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना में भी बिहारी आबादी अच्छी खासी है. औद्योगिक क्षेत्र जैसे आसनसोल (पश्चिम बर्दवान) और दुर्गापुर में भी बड़ी संख्या में बिहार मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं.

सीमावर्ती जिलों में मालदा, मुर्शिदाबाद और जलपाईगुड़ी में भी बिहार वोटरों की संख्या अच्छी खासी है.प्रतिशत की बात करें तो पूरे पश्चिम बंगाल में बिहारी मूल के मतदाता लगभग 10–12% के आसपास हैं. दूसरी तरफ राज्य में ओबीसी आबादी राज्य में करीब 25–30% के बीच मानी जाती है, जिसमें कई स्थानीय जातियां शामिल हैं. मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी दोनों मतदाताओं पर प्रभाव छोड़ सकते हैं. सम्राट चौधरी खुद ओबीसी चेहरे के तौर पर उभरे हैं और बिहार में संगठन और सत्ता दोनों में सक्रिय हैं. पार्टी उन्हें ‘पूर्वांचल कनेक्ट’ के रूप में देख रही है, जो बंगाल में बिहारी और पिछड़े वोटर्स के बीच प्रभावी संवाद बना सकते हैं. उनके जरिए बीजेपी सामाजिक पहचान की राजनीति को नए तरीके से साधने की कोशिश कर रही है. प्रवक्ता दानिश इकबाल ने सम्राट चौधरी की भूमिका को अहम बताया. साथ ही दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के पक्ष में लहर है और वहां हमारी सरकार बनने जा रही है.रविवार को महिला आरक्षण बिल को लेकर पटना में पत्रकारों से करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें जवाब देना होगा. महिला होते हुए उन्होंने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया है, चुनाव में जनता हिसाब लेगी।
