इटली की PM मेलोनी से है पीएम मोदी का अनोखा रिश्ता,G7 में फिर से दिखी दोनों की केमिस्ट्री!
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने आखिरकार सिगरेट पीना छोड़ ही दिया. कुछ महीने पहले ही उन्होंने कहा था कि वह कभी सिगरेट नहीं छोड़ सकतीं. लेकिन अब उन्होंने बताया है कि उन्हें स्मोकिंग छोड़े महीनेभर से ज्यादा हो गया. मंगलवार को G-7 समिट में नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने स्मोकिंग छोड़ने का खुलासा किया.मेलोनी अपनी स्मोकिंग की आदत को लेकर भी चर्चा में बनी रहती हैं. पिछले साल उन्होंने कहा था कि वह स्मोकिंग नहीं छोड़ सकतीं. तब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी कहा था कि यह ‘इम्पॉसिबल’ है.पिछले साल मिस्र में गाजा पीस समिट हुई थी. इस समिट में शामिल होने के लिए जब मेलोनी पहुंचीं तो तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने उनसे कहा, ‘आप अच्छी लग रही हैं. लेकिन मैं चाहता हूं कि आप स्मोकिंग छोड़ दें.’एर्दोगन के यह कहने पर पास में खड़े ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों हंस पड़े थे. मैक्रों ने तब कहा था- ‘यह इम्पॉसिबल है.’मेलोनी भी फिर हंसते हुए जवाब दिया- ‘मुझे पता है. मुझे पता है.’ फिर उन्होंने आगे कहा, ‘मैं किसी को मारना नहीं चाहती.’मेलोनी के कहने का मतलब था कि अगर उन्हें कभी स्मोकिंग छोड़नी पड़े तो शायद वह किसी की जान भी ले लें.मेलोनी ने अब सिगरेट छोड़ दी है. मंगलवार को G-7 के नेता जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इंतजार करते हुए आपस में अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे, तब मेलोनी ने बताया कि उन्होंने सिगरेट छोड़ दी है.अनौपचारिक बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मेलोनी कह रही हैं कि दिन में तीन-तीन बार कॉफी पी रही हैं. इस पर यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पूछा- ‘आज सुबह? जागने के लिए?’ तभी जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा- ‘और एक सिगरेट?’इस पर मेलोनी ने कहा, ‘नहीं, मैंने छोड़ दी.’ फिर जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा, ‘आपने स्मोकिंग छोड़ दी. बहुत बढ़िया.’ उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी कहा, ‘अच्छा किया.’ ताकाइची भी बहुत ज्यादा स्मोकिंग करती हैं और मेलोनी के साथ उनकी गहरी दोस्ती है.

हालांकि, मेलोनी की इस बात पर आसपास खड़े नेताओं ने चुटकी भी ली. जर्मन चांसलर मर्ज ने मजाक-मजाक में पूछा- ‘क्या कल रात?’ तब मेलोनी ने जवाब दिया, ‘एक महीने पहले.’ मेलोनी ने बताया कि उन्होंने 1 मई से स्मोकिंग नहीं की है.जॉर्जिया मेलोनी का जन्म रोम में 1977 में हुआ था. जब वह छोटी थीं, तभी उनके पिता उन्हें और उनकी मां को छोड़कर चले गए थे. उनकी मां ने उन्हें अकेले पाला. 15 साल की उम्र में मेलोनी राजनीति में आ गई थीं. 2006 में वह संसद पहुंच गईं. ऐसे में सिगरेट ने उन्हें नेताओं से मेलजोल बढ़ाने में काफी मदद की.मेलोनी ने अपनी किताब ‘I Am Giorgia: My Roots, My Principles’ में बताया है कि 13 साल पहले सिगरेट छोड़ने के बाद उन्होंने फिर से स्मोक करना शुरू कर दिया था. उन्होंने मजाक-मजाक में यह भी कहा था कि सिगरेट की वजह से उन्हे विदेशी नेताओं के साथ बेहतर संबंध बनाने में मदद मिली थी.फाइनेंशियल टाइम्स की पत्रकार जो एलिसन एक लेख में लिखती हैं कि ‘पुरुषवादी सोच वाले समाज में मेलोनी ने एक महिला होते हुए खुद को ढाला है. अक्सर बुजुर्ग पुरुष नेता उनके साथ मजाक करते हैं.’उन्होंने अपने लेख में पिछले साल अक्टूबर में गाजा समिट के दौरान ट्रंप और मेलोनी की बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा, ’79 साल के ट्रंप ने 48 साल की मेलोनी को घूरते हुए कहा- ‘अगर मैं कहीं कि आप खूबसूरत हैं तो आपको बुरा तो नहीं लगेगा न? क्योंकि आप वाकई खूबसूरत हैं.’वह लिखती हैं, ‘आज के माहौल में स्मोकिंग करना बगावत दिखाने का एक अच्छा तरीका है. यह एक ऐसी हरकत है जो इंसान को कुछ हद तक आजादी का एहसास कराती है. मेलोनी का कहना है कि स्मोकिंग विदेशी नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाने का एक जरिया रही है. लेकिन साथ ही साथ स्मोकिंग की वजह से उनकी सांस से आने वाली गंध, शायद उम्रदराज और बुरी नीयत वाले पुरुषों को उनसे दूर रखने में भी मदद करती है.’
