इथेनॉल प्लांट की समस्या को लेकर गंभीर हुई नीतीश सरकार,विपक्ष ने भी बोला हमला

 इथेनॉल प्लांट की समस्या को लेकर गंभीर हुई नीतीश सरकार,विपक्ष ने भी बोला हमला
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बजट सत्र के 10वें दिन आज बिहार विधानसभा में इथेनॉल प्लांट से उत्पादित हो रहे इथेनॉल की खरीद का मामला उठा. सत्ता पक्ष के विधायक की तरफ से ही इसको लेकर सवाल उठाया गया था. उसका जवाब देते हुए उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि हम लोग भी केंद्र सरकार से आग्रह कर रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं. इसको लेकर सीएम भी वहां बात करेंगे. बिहार के प्लांट से एथेनॉल खरीदने का मामला जेडीयू विधायक श्याम रजक ने उठाया. उन्होंने कहा कि इथेनॉल नहीं खरीदे जाने के कारण प्लांट के बंद होने का खतरा बढ़ गया है. दूसरे राज्यों में ज्यादा इथनॉल खरीदा जा रहा है, जबकि बिहार के कोटे को आधा कर दिया गया है.”मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद बक्सर इथनॉल प्लांट गए थे.

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इसके बावजूद यह समस्या आई है. इथनॉल फैक्ट्री बंद हो रही है और वहां के मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं. लिहाजा प्लांट को बंद होने से रोकने के लिए समय रहते कदम उठाने की जरूरत है.”- श्याम रजक, विधायक, जेडीयू इस पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि एग्रीमेंट के तहत 1060 किलो लीटर प्रतिदिन इथनॉल उत्पादन होने का था, बाद में 1602 से ज्यादा का उत्पादन यहां होने लगा. 1060 किलो लीटर लेने की ही बाध्यता है, बावजूद इसके लिए पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इसको लेकर काफी गंभीर है.हालांकि मंत्री के जवाब से जेडीयू के विधायक श्याम रजक संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर नहीं है. इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत सरकार से अनुरोध किया है. जल्द ही कोटा बढ़वाने का काम होगा. इसको लेकर कई विधायकों ने भी सवाल उठाया. बीजेपी विधायक रजनीश कुमार ने कहा कि मक्का के किसान भी त्राहिमाम की स्थिति में है.विपक्ष ने भी बोला हमला: वहीं, आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि उद्योग का मालिक दिवालिया हो रहा है. बैंक नोटिस दे रही है. उद्योग अब आगे नहीं आएगा. जब आप जान रहे थे कि खरीदारी नहीं होगी तो झूठा आश्वासन देकर फैक्ट्री क्यों लगवाया और किसानों को मक्का लगाने के लिए क्यों उकसाया? जबकि बीजेपी के जीवेश कुमार ने पूछा कि क्या शेष बचे इथनॉल का विपणन कहीं और करवाने का विचार रखती है सरकार? अपना जवाब देते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि 35 करोड़ 28 लाख का ही कोटा था, जबकि 50 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन हो रहा है. सोशल मीडिया में भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि इथनॉल प्लांट बंद हो रही है. सरकार की ओर से उद्योग लगाने के लिए 1700 करोड़ का अनुदान भी दिया गया है. कुल मिलकर सात दिन फैक्ट्री बंद रही. जनवरी महीने की रिपोर्ट आनी बाकी है. इसी के बाद दिलीप जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली जा रहे हैं, बातचीत होगी.”जब अनुदान का रिपोर्ट भेजते हैं तो सिर्फ दो दिन बंद बताते है. ये कमाई करें, हमे उनकी चिंता है. मुख्यमंत्री जी भी दिल्ली जा रहे हैं, वहां इसको लेकर भी बातचीत होगी

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