मायावती का बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप-एससी,एसटी और ओबीसी के अधिकारों को किया जा है रहा कमजोर
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कमजोर वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की मांग उठाई है। यूपी के पदाधिकारियों की के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों की महिलाओं को अलग से आरक्षण नहीं दिये जाने से इन वर्गों का अपेक्षित विकास कितना संभव हो पाएगा, यह सोचने वाली बात है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पर ध्यान देने का अनुरोध किया है।बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल की मौजूदगी में उन्होंने सभी राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों से चुनाव की तैयारियों के बारे में रिपोर्ट ली। इसकी समीक्षा के बाद और बेहतर बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी उदासीनता से त्रस्त करोड़ों लोग बसपा की ओर काफी उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। इस पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा, लगन व मेहनत से कार्य करना जरूरी है। खासकर यूपी जैसे पिछड़े राज्य में रोटी-रोजी की समस्या और विकट होती जा रही है। सरकार खोखले वादों व जुमलेबाजी से ही लोगों की भूख-प्यास, गरीबी व बेरोजगारी मिटाना चाहती हैं, जो दुखद है।मायावती ने कहा कि अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान के विरुद्ध युद्ध से रसोई गैस व पेट्रोलियम पदार्थों का संकट बढ़ रहा है। वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिससे गरीब व मेहनतकश समाज का गरीबी में आटा और गीला है।

इसके समाधान के लिए सरकार को लगातार प्रभावी कदम उठाते रहना चाहिए ताकि देश को नोटबंदी तथा कोरोना महामारी जैसा संकट फिर नहीं झेलना पड़े। विपक्ष को भी विश्वास में लेकर दीर्घकालीन नीति पर कार्य करना जरूरी है।उन्होंने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती को पूरी मिशनरी भावना के साथ लखनऊ में मनाने को कहा, जिसमें सभी 18 मंडलों से पार्टी के लोगों से अंबेडकर स्मारक में परिवार सहित आने की अपील की। नोएडा में स्थापित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर मरम्मत का कार्य शुरू होने की वजह से मुख्य कार्यक्रम राजधानी में ही आयोजित होगा।बसपा सुप्रीमो ने यूपी चुनाव की तैयारियों को लेकर कहा कि आपराधिक तत्वों को दूसरी पार्टियों की तरह कतई प्रश्रय नहीं दिया जाए। साथ ही बसपा के अपनी कथनी व करनी में सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की विशिष्ट पहचान रखने वाली पार्टी होने के कारण प्रत्याशियों को शार्टलिस्ट करते समय सर्वसमाज को उचित एवं समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।चुनावी तैयारियों पर जोर देते हुए बसपा प्रमुख ने साफ कहा कि पार्टी में आपराधिक तत्वों को कोई स्थान नहीं मिलेगा । प्रत्याशियों के चयन में ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति के तहत सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने 14 अप्रैल को बाबासाहेब की जयंती को मिशनरी भावना के साथ मनाने का आह्वान किया। लखनऊ स्थित डॉ. अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने और पूरे प्रदेश से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मायावती ने आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकारों को घेरते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज की सरकार के बिना इन वर्गों के अधिकारों की प्रभावी रक्षा संभव नहीं है। महिला आरक्षण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों की महिलाओं को अलग से प्रतिनिधित्व न मिलने पर अपेक्षित सामाजिक न्याय संभव नहीं होगा, जिस पर गंभीर विचार की जरूरत है।
