भारत के इस मिसाइल से घबराएगा कई देश!अग्नि-5 बदलेगी इंडिया की रक्षा सिस्टम की तस्वीर
भारत ने एक बार फिर अपनी रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है. डीआरडीओ और स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड ने एडवांस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. ये अग्नि मिसाइल का ही एक उन्नत वर्जन है. इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी आधुनिक एमआईआरवी (MIRV) तकनीक है. MIRV का मतलब है मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल. सरल शब्दों में समझें तो एक ही मिसाइल कई लक्ष्यों पर अलग-अलग हमला कर सकती है. हाल ही में ईरान और इजरायल युद्ध मे ऐसे मिसाइलों ने जमकर तबाही मचाई है. इन मिसाइलों ने मल्टीपल यानी कई वॉरहेड लगे होते हैं, जिसे ट्रैक करना एयर डिफेंस सिस्टम के लिए काफी मुश्किल होता है.ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप में एडवांस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. इस परीक्षण के दौरान मिसाइल ने कई पेलोड के साथ उड़ान भरी. इन पेलोड्स ने हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर मौजूद लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. इस परीक्षण को पूरी तरह सफल बताया गया है. रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह तकनीक भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत बनाएगी. अब एक ही मिसाइल से दुश्मन के कई ठिकानों को निशाना बनाया जा सकेगा. इससे युद्ध के समय न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि सेना की ताकत और बढ़ेगी. ये कुछ-कुछ वैसा ही है जैसे एक तीर से कई शिकार करना. हालांकि, डीआरडीओ ने आधिकारिक तौर पर मिसाइल का नाम नहीं बताया है. लेकिन सूत्र इसे अग्नि-5 श्रेणी का एडवांस परीक्षण मान रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल यानी आईसीबीएम कैटेगरी से जुड़ा परीक्षण था. ICBM ऐसी मिसाइल होती है, जो हजारों किलोमीटर दूर मौजूद लक्ष्य को निशाना बना सकती है. सामान्य तौर पर 5500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों को इस श्रेणी में रखा जाता है. इस मिसाइल में कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. इसमें एडवांस नेविगेशन सिस्टम, हाई प्रिसिजन गाइडेंस और री-एंट्री टेक्नोलॉजी शामिल है. इनमें री-एंट्री टेक्नोलॉजी सबसे अहम मानी जाती है. जब मिसाइल अंतरिक्ष जैसी ऊंचाई से वापस धरती के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तब तापमान हजारों डिग्री तक पहुंच जाता है. ऐसे में वॉरहेड को सुरक्षित रखना बेहद मुश्किल होता है.

बहुत अधिक तापमान होने की वजह से वॉरहड फटने का डर रहता है. ऐसे में री-एंट्री बहुत अहम हो जाती है.इस एडवांस अग्नि मिसाइल की गति भी बेहद खतरनाक मानी जा रही है. जानकारों के मुताबिक री-एंट्री के दौरान इसकी स्पीड करीब मैक 24 तक पहुंच सकती है. यानी आवाज की रफ्तार से 24 गुना ज्यादा तेज. नई अग्नि मिसाइल की गति करीब 29 हजार 400 किलोमीटर प्रति घंटा मानी जा रही है. इतनी तेज रफ्तार की वजह से दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना बेहद कठिन हो जाता है. यही वजह है कि MIRV तकनीक को आधुनिक युद्ध की सबसे ताकतवर तकनीकों में गिना जाता है.रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एमआईआरवी सिस्टम दुश्मन के मिसाइल डिफेंस नेटवर्क के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. अगर एक मिसाइल में कई वॉरहेड हों, तो डिफेंस सिस्टम को हर वॉरहेड को अलग-अलग ट्रैक करना पड़ता है. कई बार नकली टारगेट भी छोड़े जाते हैं, जिससे असली वॉरहेड की पहचान मुश्किल हो जाती है. ऐसे में एयर डिफेंस का रडार कन्फ्यूज होने लगता है कि किस वॉरहेड को रोका जाए और किसे छोड़ दिया जाए.भारत की अग्नि-5 मिसाइल पहले से ही लंबी दूरी की ताकतवर मिसाइल मानी जाती है. अब एडवांस अग्नि मिसाइल और एमआईआरवी तकनीक को अगली पीढ़ी की रणनीतिक ताकत माना जा रहा है. यह सिर्फ लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता नहीं है. यह भारत की एडवांस रॉकेट तकनीक, गाइडेंस सिस्टम और आधुनिक रक्षा क्षमता का भी बड़ा प्रदर्शन है. यह दुश्मन के बड़े इलाके को एक साथ निशाना बना सकता हैं. इस परीक्षण के साथ भारत की रणनीतिक और प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत हुई है. यह एक तरफ रक्षा तैयारियों को नई मजबूती देगा वही बढ़ते सुरक्षा खतरों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा. ये भी गौर करने वाली बात है कि इसका परिक्षण ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर किया जा रहा है. ऐसे में ये पाकिस्तान और उसके मददगार देशों को भी एक संदेश है कि अगर भारत की सुरक्षा को चुनौती दी गई, तो जवाब पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर होगा.
