होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल?ट्रंप के लिए बढ़ेगी मुश्किल!
ईरान जो चाहता था वही हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिड टर्म चुनाव में हार गए और अब उनके लिए ईरान मिशन को जारी रखना बेहद मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में माना जा रहा है कि अब बारूद के बल पर होर्मुज खुलने की उम्मीद नहीं है. ट्रंप के ईरान मिशन की वजह से दुनिया के लिए एक फ्री समुद्री रूट अब कभी अपनी पहली वाली स्थिति में नहीं आएगा. ईरान पहले ही कह चुका है कि होर्मुज में उसकी इजाजत के बगैर कोई जहाज नहीं जा सकता और अब ट्रंप की हार से माना जा रहा है कि ईरान होर्मुज पर हमेशा के लिए नियंत्रण हो जाएगा.ट्रंप न तो मिड टर्म चुनाव जीत सके और शायद ही अब ईरान के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज कर सकेंगे क्योंकि मिडटर्म चुनाव की हार ने ट्रंप को संविधान की बेड़ियों में जकड़ दिया है. अब युद्ध जैसा बड़ा फैसला लेना ट्रंप के लिए बहुत मुश्किल है.

साथ ही होर्मुज को खुलवाने का मिशन पूरा करना भी बेहद मुश्किल लग रहा है. ट्रंप अब ईरान मिशन को छोड़ सकते हैं और होर्मुज पर ईरान नियंत्रण हो सकता है. ओमान-ईरान पहले ही समझौता कर चुके हैं.ट्रंप को अमेरिकी इतिहास में ऐसे राष्ट्रपति के तौर पर याद रखा जाएगा जिन्होंने एक फ्री समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण करा दिया. ईरान के इरादे पक्के हैं. हर दिन ईरान होर्मुज को लेकर जो दावे कर रहा है , ईरान की प्लानिंग की जो जानकारियां सामने आ रही हैं उससे यही जाहिर होता है कि होर्मुज से अब ईरान का नियंत्रण कभी नहीं हटेगा. ईरान होर्मुज में लगातार हमले कर रहा है. मंगलवार को भी होर्मुज में धमाके हुए हैं. होर्मुज से गुजर रहे तेल टैंकर माइंस से टकरा गए.ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ये तय कर चुके हैं कि ईरान होर्मुज में टोल वसूलेगा. भले ही उसे नाम कुछ भी दिया जाए. होर्मुज पर ईरान की धमकी अब भी जारी है. सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने कहा है कि हम होर्मुज़ में ईरान के रास्ते के अलावा किसी और रास्ते को बिल्कुल भी नहीं खुलने देंगे. अगर अमेरिका होर्मुज़ में किसी गैर-कानूनी रास्ते पर अपना युद्धपोत भी लाता है, तो हम उसे निशाना बनाएंगे.ईरान ने साबित कर दिया है कि इस वक्त भी वो होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी नेवी से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है. केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान के तेवर में कोई बदलाव नहीं आया है. होर्मुज में 9 दिनों से लगातार तेल टैंकर्स में धमाकों का सिलसिला जारी है. लगातार धमाकों से जाहिर हो रहा है कि ईरान होर्मुज में नई माइंस लगा चुका है. ओमान के रूट पर माइंस लगाई गई है. अमेरिका ईरान के माइंस मिशन को रोक नहीं सका है. अब तक टैंकर अपना ट्रांसपॉन्डर बंद करके ओमान के करीब के रूट से होर्मुज को पार कर रहे थे, लेकिन अचानक इस रूट पर धमाकों की संख्या बढ़ गई है.तेल टैंकर्स बार बार समुद्री माइंस से टकरा रहे हैं. ट्रांसपॉन्डर बंद करके सिर्फ ईरानी सेना से बचा जा सकता है लेकिन समुद्र में मौजूद माइंस से बचना बेहद मुश्किल है. होर्मुज का इलाका अब बेहद खतरनाक हो चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक, यहां माइंस की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि हर दिन होर्मुज में जहाजों की टक्कर माइंस से हो रही है. होर्मुज में ईरान से छिपकर जा रहे 3 टैंकर मंगलवार को माइंस से टकरा गए. धमाके के बाद टैंकर्स में आग लग गई. ये साफ नहीं है कि टैंकर पर ईरान ने हमला किया या फिर माइंस की वजह से धमाका हुआ, लेकिन IRGC का दावा है कि माइंस की वजह से ही टैंकर्स में ब्लास्ट हुआ.IRGC का दावा है कि तीनों टैंकर गलत रूट पर थे जिसकी वजह से तीनों माइंस का शिकार बन गए. रडार सिस्टम बंद करके टैंकर होर्मुज पार कर रहे थे. होर्मुज स्ट्रेट में 9 दिनों में 11 तेल टैंकर जल चुके हैं. इसके बाद ईरान की तरफ से चेतावनी जारी की गई है. ईरान ने कहा है कि सभी जहाज नियमों को मानें. ईरान से तालमेल रखना जरूरी है. जहाज के कैप्टन गलत रूट का इस्तेमाल न करें. माइंस के अलावा अब ईरानी सेना की स्पीड बोट्स भी होर्मुज में जहाजों के खतरा बन गए हैं. होर्मुज में 2 टैंकरों को रोका गया. ईरानी सेना ने स्पीड बोट से टैंकर को घेर लिया. जहाजों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप है. ईरान ने होर्मुज में निगरानी बढ़ा दी है.अमेरिका ने होर्मुज में एक अलग रूट बनाया था और जहाजों और तेल टैंकरों को सुरक्षा देने का भरोसा दिया था, लेकिन अब ये साबित हो गया है कि ईरान की इजाजत के बगैर होर्मुज से गुजरना बेहद खतरनाक है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने समुद्र में गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई है. ईरान रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड का इस्तेमाल कर रहा है. होर्मुज में ईरान लिम्पेट माइन्स लगा रहा है. ईरान में पानी में चलने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है.होर्मुज लगातार हमलों का मकसद तेल सप्लाई को पूरी तरह से रोकना है. ईरान हमले रोकने के बदले अमेरिकी नाकाबंदी खत्म करने की मांग रख रहा है. ईरान ये भी साबित कर रहा है कि होर्मुज से अब कभी ईरान की मर्जी के बगैर नहीं जाया जा सकता है. अमेरिका होर्मुज से माइंस हटाने के दावे कर रहा है, लेकिन ईरान अब होर्मुज में और तेजी से माइंस लगाने की तकनीक तैयार कर चुका है.ईरान ने हवा से माइंस लगाने की तकनीक तैयार कर ली है. उसका दावा है कि वो रॉकेट से माइंस गिराएगा, जिससे होर्मुज में सैकड़ों माइंस लगेंगी. माइंस लगाने के लिए होर्मुज में बोट का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. इजराइल में नेतन्याहू की पार्टी की हार और अमेरिका में मिडटर्म चुनाव की हार से जो स्थिति बनी है, उससे यही लग रहा है कि दुनिया के हाथों से ये फ्री समुद्री मार्ग हमेशा के लिए निकल चुका है. अब ईरान लगातार अमेरिकी ड्रोन को गिराकर ये साबित कर चुका है. ईरान का एयर डिफेंस पहले से अधिक शक्तिशाली है.होर्मुज के करीब ईरान ने अपने एयर डिफेंस को काफी मजबूत कर लिया है. इन दिनों ईरान का इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ऑपरेशन जारी है. ईरान अब तक अमेरिका के 4 जासूसी ड्रोन जब्त कर चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अमेरिकी ड्रोन को हैक कर रहा और सुरक्षित जमीन पर उतार रहा है. माना जा रहा है कि जब्त ड्रोन से ईरान अमेरिकी तकनीक हासिल कर लेगा. इसके अलावा उसने फिर MQ-9 रीपर ड्रोन गिराया है. होर्मुज के करीब 7 दिनों में 4 अमेरिकी MQ-9 रीपर नष्ट हो चुके हैं. ईरान में नए एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं. अब तक कुल 55 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हो चुके हैं.होर्मुज में फीस वसूली का प्लान ईरान और ओमान के बीच तैयार हो चुका है. ईरान इसपर अंतराष्ट्रीय मंजूरी लेने की कोशिश है, लेकिन इस प्लान के तहत ईरान अपने मित्र देशों का पूरा ख्याल रखेगा. भारत, चीन, इराक और कतर के लिए विशेष छूट रहेगी. होर्मुज में इन देशों के जहाज प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे. इन देशों के जहाज इस रूट से बेरोकटोक गुजर सकते हैं, यानी ईरान के मित्र देशों को छोड़कर पूरी दुनिया के लिए अब होर्मुज एक ऐसा रूट होगा, जहां उन्हें मोटी फीस चुकानी होगी.
