न्यूजीलैंड के खिलाफ इतिहास बदल सकता है भारत,फाइनल में इस कारण से टीम इंडिया की जीत होगी पक्की

 न्यूजीलैंड के खिलाफ इतिहास बदल सकता है भारत,फाइनल में इस कारण से टीम इंडिया की जीत होगी पक्की
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाना है. ये खिताबी भिड़ंत अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर 8 मार्च को होगी. अब सवाल है कि इसमें जीतेगा कौन? न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया आज तक जीती नहीं है. वहीं किसी ICC टूर्नामेंट के फाइनल में जब भी इन दोनों टीमों का आमना-सामना हुआ, जीता न्यूजीलैंड ही है. ऐसे में सवाल है कि ये इतिहास बदलेगा कैसे? जवाब हैं वो 4 समीकरण, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के फाइनल जीतने की उम्मीदों को परवान चढ़ाते दिख रहे हैं. अब वो 4 समीकरण क्या है, आइए उन सब पर एक-एक कर नजर डालते हैं.व्हाइट बॉल क्रिकेट के किसी भी वर्ल्ड कप में जब-जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है, उसमें भारत चैंपियन बना है. फिर चाहे वो 1983 का वनडे वर्ल्ड कप हो या फिर2007 का T20 वर्ल्ड कप. 2026 के T20 वर्ल्ड कप में भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है. यही वजह है कि भारत के चैंपियन बनने की उम्मीद की जा रही है.साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया पहली होम टीम बनी थी, जिसने चैंपियन का चोला पहना था. T20 वर्ल्ड कप में भी आज तक कोई होम टीम चैंपियन नहीं बनी है. टीम इंडिया के पास वो मौका है।

अगर वो 2011 के वनडे वर्ल्ड कप वाला इतिहास दोहराती है तो T20 वर्ल्ड कप में भी चैंपियन बनने वाली पहली होम टीम बन सकती है.व्हाइट बॉल क्रिकेट के वर्ल्ड कप के अंदर टीम इंडिया जब भी केवल साउथ अफ्रीका से हारी है, उसमें चैंपियन बनी है. 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में चैंपियन बनने से पहले वो सिर्फ साउथ अफ्रीका से हारी थी. अब 2026 के T20 वर्ल्ड कप में भी ऐसा हुआ है. टीम इंडिया सिर्फ साउथ अफ्रीका से हारी है. यही वजह है कि उसके T20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल जीतने की उम्मीदें बढ़ गई है.T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में जब भी भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल हुआ, उसका विजेता ही टूर्नामेंट का चैंपियन बना है. T20 वर्ल्ड कप 2022 में इंग्लैंड सेमीफाइनल जीता था, तो चैंपियन बना था. वहीं 2024 के T20 वर्ल्ड कप में भारत ने सेमीफाइनल जीता और फिर वो चैंपियन बना. अगर यही ट्रेंड बरकरार रहा तो 2026 के T20 वर्ल्ड कप में भी भारत चैंपियन बन सकता है. इस बार उसने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया था।8 मार्च को जब भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी तो फैंस के जहन में एक बार फिर 19 नवंबर 2023 की यादें ताजा होती रहेंगी. यही वो दिन था जब जीत के रथ पर सवार और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी. आज भी उस फाइनल को याद करने पर अक्सर जो जिक्र आता है, वो है उस मैच के लिए इस्तेमाल हुई पिच, जिसे भारतीय टीम ने अपनी पसंद के हिसाब से बनवाया था लेकिन वो खुद उसमें फंस गई.मगर सिर्फ वो फाइनल ही नहीं, बल्कि इस टी20 वर्ल्ड कप में भी इसी मैदान पर टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथों शिकस्त मिली थी. वर्ल्ड कप 2023 से लेकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच भारतीय टीम ने 4 ICC टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने 32 मैच खेले हैं, जिसमें सिर्फ इन्हीं 2 में हार का सामना करना पड़ा और दोनों में पिच को लेकर भारत ने जो गलती की, वही इन 2 हार की वजह बनी. इसको ध्यान में रखते हुए ही इस बार पिच में एक बड़ा बदवाल किया है और इस बार सिर्फ काली मिट्टी की पिच नहीं होगी.रिपोर्ट के मुताबिक, इस मैच के लिए भारतीय टीम को ‘मिक्स्ड सॉइल’ पिच मिलने वाली है. यानि इसमें लाल मिट्टी और काली मिट्टी, दोनों का ही इस्तेमाल होगा. सिर्फ इतना ही नहीं, इस पिच में ‘रेड सॉइल’ की मात्रा ज्यादा, करीब 70 फीसदी तक है, जबकि बाकी हिस्सा ब्लैक सॉइल का है. इसकी अहमियत इसलिए है क्योंकि वर्ल्ड कप फाइनल और फिच हाल ही में सुपर-8 में भारत को हार मिली थी और दोनों में ही ब्लैक सॉइल पिच का इस्तेमाल किया गया था, जो बल्लेबाजों के लिए बेहद धीमी साबित हुई थी.वहीं लाल मिट्टी वाली पिच थोड़ा तेज है और इसमें गेंद उछाल भी अच्छा मिलता है, जो भारतीय बल्लेबाजों के खेलने के स्टाइल के हिसाब से अच्छी है. ऐसे में फाइनल के लिए दोनों तरह की सॉइल का इस्तेमाल करने से गेंद और बल्ले के बीच संतुलन रहेदा. यही कारण है कि इस बार मिली-जुली पिच दी जा रही है ताकि खिताबी मुकाबले में एक अच्छा मुकाबला दिखे. अब फाइनल में इसका क्या असर पड़ता है, ये 8 मार्च की शाम को ही पचा चलेगा।

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