आप भी करते है बैंकिंग से जुड़े हुए लेनदेन तो जान लीजिए नया नियम,UPI से लेकर क्रेडिट कार्ड तक सबका बदल गया नियम!
हर महीने की तरह ही जून का महीना भी कई बड़े बदलाव लेकर आया है, जो सीधे तौर पर आपकी जेब और वित्तीय लेन-देन को प्रभावित कर सकते हैं। UPI और PF से लेकर LPG सिलेंडर के दामों तक, कई नियम 1 जून से बदल गए हैं। इन बदलावों से जहां कुछ सुविधाएं बढ़ेंगी, वहीं कुछ मामलों में आपको अतिरिक्त शुल्क भी चुकाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि जून से प्रभावी हुए ये बदलाव कौन-कौन से हैं।सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का नया और एडवांस वर्जन, EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। यह जून महीने में शुरू किया जा सकता है। इसके रोलआउट के बाद पीएफ क्लेम करना बेहद आसान हो जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भविष्य में आप ATM और UPI के माध्यम से भी अपने पीएफ खातों से पैसे निकाल पाएंगे। इस बदलाव से देश के 9 करोड़ से अधिक पीएफ खाताधारकों को सीधा लाभ मिलेगा।

NPCI ने UPI को लेकर एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत UPI पेमेंट करते समय यूजर्स को अब केवल ‘अल्टीमेट बेनिफिशियरी’ यानी असली प्राप्तकर्ता का बैंकिंग नाम ही दिखेगा। QR कोड या एडिट किए गए नाम अब दिखाई नहीं देंगे। यह नियम 30 जून तक सभी UPI ऐप्स को लागू करना होगा।1 जून से क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए कुछ नियम बदल गए हैं। यदि आप कोटक महिंद्रा बैंक का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो आपको बड़ा झटका लग सकता है। बैंक अब ऑटो-डेबिट लेनदेन फेल होने पर 2% का बाउंस चार्ज लगाएगा। यह न्यूनतम 450 रुपये और अधिकतम 5000 रुपये तक हो सकता है। इसके अलावा, बैंक की वेबसाइट के अनुसार,आज से बैंक के ज्यादातर क्रेडिट कार्ड पर मासिक फाइनेंस चार्ज में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसे मौजूदा 3.50% (सालाना 42%) से बढ़ाकर 3.75% (सालाना 45%) तक किया जा सकता है।
