HIV संक्रमण में दिख रही है तेजी,बिहार के इन जिलों में स्थिति हुआ भयावह!

 HIV संक्रमण में दिख रही है तेजी,बिहार के इन जिलों में स्थिति हुआ भयावह!
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बिहार से एक चौंकाने वाली खबर है. राज्य में HIV संक्रमण तेजी से अपने पैर पसार रहा है. आलम यह है कि 13 जिले हाई रिस्क की श्रेणी में आ चुके हैं. इनमें पटना सबसे अधिक प्रभावित है. दरअसल, बिहार विधान परिषद में मंगलवार को एक साथ नौ विधान पार्षदों ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से अपने इस प्रश्न को रखा. उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता से जुड़े गंभीर विषय पर प्रभावी रोकथाम और उपचार की ठोस रणनीति सुनिश्चित करने के लिए सरकार से सदन में एक स्पष्ट वक्तव्य की मांग की.इन विधान पार्षदों ने बताया कि राज्य में HIV संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 13 ऐसे जिले हैं, जो हाई रिस्क श्रेणी में आ चुके हैं. मुजफ्फरपुर इनमें सबसे अधिक प्रभावित है. इसके अलावा HIV संक्रमण के मामले में वृद्धि दर्ज की गई है. दिसंबर 2025 तक 97 हजार से भी ज्यादा लोग राज्य के 32 से ज्यादा ART सेंटर में अपना इलाज करा रहे हैं.पार्षदों ने यह भी जानकारी दी कि संक्रमण के प्रमुख कारण असुरक्षित यौन संबंध, नशीली सुई का उपयोग है. चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में युवा ड्रग्स इंजेक्शन के कारण संक्रमित हो रहे हैं. पार्षदों ने बताया कि सरकार द्वारा होली से पहले विशेष जांच शिविर लगाने और एम्स पटना, IGIMS पटना और NMCH समेत 5 नए ART सेंटर खोलने की घोषणा की गई है, जिससे ART सेंटरों की संख्या 34 से ज्यादा हो जाएगी. कुछ जिलों के आंकड़े कई वर्षों के हैं, जिससे स्थिति की स्पष्टता आवश्यक हो जाती है.इस प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्धारित 95:95:99 की लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य में व्यापक सुनियोजित एवं परिणामों को प्राप्त करने वाले कार्य किए जा रहे हैं. लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उच्च जोखिम समूहों के बीच ज्यादा से ज्यादा पहचान, शीघ्र उपचार, एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जा रही है. इसका नियमित मूल्यांकन किया जाता है.इसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 186 समेकित परामर्श एवं जांच केंद्रों के माध्यम से निशुल्क परामर्श एवं जांच की सुविधा लक्षित समुदाय तक सुलभ कराई गई है।

सामुदायिक स्तर पर विशेष स्क्रीनिंग अभियान, स्वास्थ्य शिविर, मोबाइल टीम द्वारा नियमित जांच की जा रही है. त्योहार के मौके पर प्रवासी श्रमिकों के बीच विभिन्न रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं चिन्हित गांव में विशेष शिविर के माध्यम से परामर्श एवं जांच की जा रही है. होली के अवसर पर वापस आने वाले प्रवासियों को विभिन्न जिलों में कैंप के माध्यम से 24 फरवरी से 14 मार्च तक पूरे राज्य में 300 शिविर का आयोजन कर परामर्श एवं जांच की जाएगी.सरकार के द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि वर्तमान में पटना जिले में 8,270 एड्स मरीज की संख्या है, जबकि गयाजी में 5,760, मुजफ्फरपुर में 5,520, सीतामढ़ी में 5,026, बेगूसराय में 4,716 और भागलपुर में 3,078 एड्स ग्रसित मरीजों की संख्या है. वर्तमान में पूरे बिहार में एक लाख 44 व्यक्ति एड्स से एक ग्रसित हैं.सरकार द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि समाज कल्याण विभाग की तरफ से सभी HIV संक्रमित व्यक्तियों को बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना के तहत 1500 रुपए प्रतिमाह और उनके दो 18 वर्ष से कम उम्र के आश्रित बच्चों को पारिवारिक योजना के तहत 1000 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 63.81 करोड रुपए सीधे खाते में हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

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