DLF को भी पीछे छोड़ा गौतम अदाणी की कंपनी,जानिए कैसे लगा दी इतनी बड़ी छलांग?

 DLF को भी पीछे छोड़ा गौतम अदाणी की कंपनी,जानिए कैसे लगा दी इतनी बड़ी छलांग?
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ग्रोहे (GROHE) और हुरुन इंडिया ने देश की टॉप 151 रियल एस्टेट कंपनियों की ‘2026 ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट 150’ लिस्‍ट जारी की है. इसके मुताबिक, भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए ये साल कुछ खास नहीं रहा और इस साल अब तक की सबसे कम ग्रोथ दर्ज की गई है. इस सुस्ती के बावजूद देश के सबसे रईस उद्योगपतियों में शामिल गौतम अदाणी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है. गौतम अदाणी बने रियल एस्टेट के नए ‘किंग’ बनकर उभरे हैं.इस मंदी के दौर में भी अदाणी ग्रुप ने रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी बादशाहत साबित की है. गौतम अदाणी और उनके परिवार ने डीएलएफ (DLF) के राजीव सिंह और परिवार को पछाड़कर पहली बार ‘ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट’ में नंबर-1 का स्थान हासिल किया है. गौतम अदाणी की संपत्ति में 73% का भारी उछाल आया है. प्रणव अदाणी और राजेश अदाणी के नेतृत्व वाली ‘अदाणी प्रॉपर्टीज’ (Adani Properties) इस लिस्ट में सबसे ज्यादा फायदा कमाने वाली कंपनी रही. कंपनी ने अपने वैल्यूएशन में 38,000 करोड़ रुपये जोड़कर 90,400 करोड़ रुपये का लेवल छू लिया है.रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भारतीय रियल्टी क्षेत्र में भारी मंदी का असर देखने को मिला है. सूची में शामिल कंपनियों की कुल वैल्यू (Cumulative Value) में इस साल महज 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले साल यह ग्रोथ 14 प्रतिशत थी.

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यह इस लिस्ट के इतिहास में अब तक की सबसे कम ग्रोथ है. रियल एस्टेट कंपनियों के मूल्य में आई इस गिरावट की मुख्य वजह बीएसई रियल्टी इंडेक्स (BSE Realty Index) में आई 20% की बड़ी गिरावट रही. इस साल सूची की सिर्फ 31 कंपनियों के वैल्यूएशन में बढ़ोतरी हुई, जबकि 74 कंपनियों के मूल्य में गिरावट दर्ज की गई.कंपनी के तौर पर DLF का दबदबा कायम है. 1.47 लाख करोड़ की वैल्यूएशन के साथ DLF ने भारत की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी का अपना खिताब बरकरार रखा है, हालांकि इस साल इसकी वैल्यू में 29% का करेक्शन (गिरावट) आया है. लोढ़ा डेवलपर्स (Lodha Developers) 93,700 करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ दूसरे और इंडियन होटल्स कंपनी (ताज ग्रुप) 93,300 करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ तीसरे स्थान पर हैं.रितेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली प्रिज्म (OYO) इस साल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की सबसे बड़ी स्टार रही. इसने अपने वैल्यूएशन में 107% की भारी वृद्धि करते हुए 34,700 करोड़ जोड़े और कुल 67,200 करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ 6 स्थानों की छलांग लगाकर सीधे 5वें नंबर पर (टॉप 10 में) एंट्री मार ली.इस साल पूरी लिस्ट में जितनी भी कंपनियों की वैल्यू बढ़ी (कुल 34,300 करोड़ की संचयी वैल्यू, जो 2025 के 1.4 लाख करोड़ से बहुत कम है), उसमें से लगभग दो-तिहाई हिस्सेदारी अकेले अदाणी प्रॉपर्टीज (+38,000 करोड़) और प्रिज्म (+34,700 करोड़) की रही.मुंबई के इस डेवलपर ने 5 स्थानों की छलांग लगाई और 61,700 करोड़ की वैल्यू के साथ 8वें स्थान पर रहकर टॉप 10 में अपनी जगह बनाई.2026 की इस लिस्ट में शामिल सभी कंपनियों की कुल संचयी वैल्यू 16.5 लाख करोड़ (171 बिलियन अमेरिकी डॉलर) है. यह वैल्यूएशन कुवैत देश की कुल जीडीपी के बराबर है, और लक्ज़मबर्ग तथा बहरीन की संयुक्त जीडीपी से भी ज्यादा है.रियल एस्टेट सेक्टर अब अधिक संस्थागत और पारदर्शी हो रहा है. लिस्ट में शामिल शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों की संख्या दो साल पहले की 48 से बढ़कर अब 73 हो गई है, जो कुल लिस्ट की वैल्यू का 71% हिस्सा हैं.इस साल लिस्ट में 37 नई कंपनियों ने एंट्री ली है, जिनमें से 20 ने सीधे टॉप 100 में जगह बनाई. इसमें 2024 में शुरू हुई नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट 51,500 करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ साल की सबसे बड़ी न्यू-एंट्री और सबसे युवा एंटिटी बनी.लिस्ट में अब 5 रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) शामिल हैं. नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट, एम्बेसी ऑफिस पार्क्स रीट, बागमाने प्राइम ऑफिस रीट, ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट और नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट.हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का उभार: एक दशक पहले तक इस लिस्ट में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर बहुत छोटा था, लेकिन 2026 में 151 में से 24 कंपनियां इसी सेक्टर से हैं, जिनकी कुल वैल्यू 2,85,500 करोड़ है. इसमें 1899 में स्थापित सबसे पुरानी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी (93,300 करोड़) और हाल ही में अलग हुई ITC होटल्स (32,300 करोड़ का डेब्यू) शामिल हैं.देश की आर्थिक राजधानी मुंबई 7.32 लाख करोड़ की कुल वैल्यू वाली 50 कंपनियों के साथ भारत की ‘रियल एस्टेट कैपिटल’ बनी हुई है. इसके बाद नई दिल्ली (19 कंपनियां), गुरुग्राम (18 कंपनियां) और बेंगलुरु (18 कंपनियां) का नंबर आता है.सूची में केवल तीन कंपनियां ऐसी हैं जिनका नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं. द ललित की ज्योत्स्ना सूरी (3,000 करोड़), एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स की प्रिया पॉल (2,500 करोड़) और अग्रवाल एसोसिएट्स ग्रुप की उमा अग्रवाल (1,700 करोड़). प्रिज्म (OYO) के रितेश अग्रवाल और स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेस के नीतिश शारदा (उम्र 32 वर्ष) लिस्ट के सबसे युवा लीडर हैं. वहीं, इंटरग्लोब होटल्स के कपिल भाटिया (उम्र 93 वर्ष) सबसे बुजुर्ग लीडर हैं. लिस्ट में लीडर्स की औसत उम्र 60 वर्ष है. लिस्ट में 65% कंपनियां आवासीय (Residential) क्षेत्र से हैं (2% की गिरावट के साथ). इसके बाद हॉस्पिटैलिटी (16%, 1% की बढ़त) और कमर्शियल (13%, 1% की गिरावट) का नंबर आता है. दिल्ली की पुरी कंस्ट्रक्शंस ने सालाना आधार पर सर्वाधिक 127% की वैल्यू ग्रोथ (2,500 करोड़) दर्ज की, जबकि गुरुग्राम की पिरामिड इन्फ्राटेक ने राजस्व (Revenue) के मामले में रिकॉर्ड 348% की सालाना ग्रोथ दर्ज की. देश के 8 नॉन-मेट्रो (छोटे) शहरों की कंपनियों ने लिस्ट में जगह बनाई है, जिनकी कुल वैल्यू ~30,200 करोड़ है. इसमें कोच्चि का लुलु इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल (10,100 करोड़) सबसे आगे है. इस साल नई एंट्री के तौर पर शालीमार कॉर्प (3,500 करोड़) के जरिए लखनऊ ने भी लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया है. कंस्ट्रक्शन कंपनी NCC देश में 31,408 कर्मचारियों के कार्यबल के साथ सबसे बड़ी नियोक्ता (Top Employer) साबित हुई है. इसके साथ ही, यह कंपनी 33.3 करोड़ के खर्च के साथ नए सीएसआर (CSR) रैंकिंग में भी सबसे आगे रही है.

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