सीएम सम्राट के आगे चुनौती की कमी नहीं,कई फैसलों से लिया यू टर्न

 सीएम सम्राट के आगे चुनौती की कमी नहीं,कई फैसलों से लिया यू टर्न
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बिहार में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी जब से सम्राट चौधरी को सौंपी है, सम्राट चौधरी अपने फैसलों को लेकर चर्चा में हैं. 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी. पिछले 4 महीनों के कार्यकाल में सम्राट चौधरी फैसले लेने के कुछ दिनों बाद ही यूटर्न हो जा रहे हैं.राजनीतिक विशेषज्ञ अरुण पांडे का कहना है कि सम्राट चौधरी जबसे मुख्यमंत्री बने हैं फैसले पर यू टर्न लेने के कारण चर्चा में हैं. अब पांच देश रत्न मार्ग जो मुख्यमंत्री का आवास रहा है, उसे मुख्यमंत्री आवास में शामिल कर लिया लेकिन जैसे ही विवाद हुआ अपने फैसले से बदल गए. बाद में वह आवास निशांत कुमार को दे दिया गया.अरुण पांडे के अनुसार, कई फैसले बिना सोचे समझे जल्दबाजी में लिए जाने के कारण ही यू टर्न होना पड़ रहा है. नीतीश कुमार के समय ऐसी बात नहीं थी. नीतिगत चीजों में बदलाव होते थे.

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असल में सम्राट चौधरी की सरकार तेज रफ्तार में चलना चाह रही तो उसमें तो खतरा होगा ही.राजनीतिक विशेषज्ञ प्रोफेसर प्रमोद कुमार का कहना है, कई फैसले इसलिए बदलना पड़ा क्योंकि विरोध शुरू हो गया. जैसे कि सैटेलाइट टाउनशिप बनाने को लेकर जमीन की खरीद बिक्री पर रोक का ही मामला है. जब नाराजगी बढ़ने लगी तो सरकार ने अपने कदम पीछे हटा लिये. इसी तरह पुलों और स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लेने और पंचायत में संपत्ति कर को लेकर भी अपने फैसले में सुधार करना पड़ा.नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री काल में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड चार लाख की राशि मिलती थी, लेकिन सम्राट चौधरी की सरकार ने उसे घटाकर ₹200000 कर दिया. मामला तूल पकड़ते देख सम्राट चौधरी 19 अगस्त के सरकार के आदेश को पलटते हुए फिर से ₹4 लाख देने की घोषणा कर दी और कैबिनेट में भी उस पर मुहर लग गयी है.TRE-4 एग्जाम को पहले दो चरण में पॉइंट और मेंस में करने का फैसला लिया गया था. लेकिन छात्रों का आंदोलन इतना जबरदस्त हुआ कि सरकार को अपने कदम पीछे करने पड़े. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फिर से घोषणा करना पड़ा कि TRE4 का दो एग्जाम नहीं एक ही एग्जाम होगा.पुलों और स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लेने का फैसला सरकार ने लिया था लेकिन लोगों की नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घोषणा करना पड़ा कि आम लोगों को टोल टैक्स नहीं देना होगा सिर्फ कमर्शियल गाड़ियों पर टोल टैक्स लगेगा.12 सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की घोषणा की गई और 1 साल तक जमीन के खरीद बिक्री पर रोक लगा दिया गया, लेकिन किसानों के विरोध के बाद इस फैसले को भी वापस लिया गया. डिप्टी सीएम का आवास पांच देश रत्न मार्ग को मुख्यमंत्री आवास में शामिल करने का फैसला लिया गया, लेकिन विपक्ष के हमले और मीडिया में चल रही खबर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पांच देश रत्न मार्ग आवास को लेकर कहना पड़ा कि उसे अस्थाई तौर पर मुख्यमंत्री आवास में शामिल किया गया था. बाद में डिप्टी सीएम का आवास नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत को अलॉट किया गया.पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी जेड प्लस सुरक्षा हटाने का फैसला लिया गया, लेकिन लगातार हो रहे विरोध के बाद सम्राट चौधरी ने इस फैसले को भी वापस लेते हुए जेड श्रेणी की सुरक्षा फिर से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को उपलब्ध करा दी.पंचायतों में मकान और दुकानों पर संपत्ति कर लगाने का फैसला लिया था, लेकिन इस मुद्दे पर भी सम्राट चौधरी को कदम पीछे हटने पर है और घोषणा करना पड़ा गरीबों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में भी सम्राट चौधरी सरकार को दबाव में अपने फैसला बदलने पड़े. सम्राट चौधरी की सरकार ने राजस्व कर्मियों को निलंबित करने का फैसला वापस ले लिया. अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण कई राजस्व कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था.पंचायत चुनाव को लेकर भी सम्राट चौधरी की सरकार यू टर्न हुई है. पहले बिना परिसीमन के चुनाव कराने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब परिसीमन के बाद चुनाव कराने का फैसला लिया गया है.माना जा रहा है कि एक तरफ जेन जी फैक्टर तो दूसरी तरफ सरकार के खिलाफ लोगों की नाराजगी का भी असर है. इसलिए सम्राट चौधरी फैसला तो जल्दबाजी में लेते हैं लेकिन उसका नेगेटिव असर देख तुरंत अपने कदम पीछे खींच लेते हैं. यानी कि उनका फैसला बैक फायर हो जाता है.विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका मिल रहा है.

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