देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है बसंत पंचमी,इस आरती के साथ करें मां सरस्वती की पूजा
हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन विवेक, बुद्धि और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है. यह भी कहा जाता है कि इसी दिन विद्या की देवी मानी जाने वाली मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था. पंचांग के अनुसार आज यानी 23 जनवरी, दिन शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. आज के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से भक्त को विद्या, बुद्धि, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. यहां हम आपको बसंत पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा, भोग, मंत्र समेत सभी जरूरी बातें बताएंगे।

बसंत पंचमी 2026 मुहूर्त:-
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 :11 से 12 :54 तक
अमृतकाल मुहूर्त: प्रातः 9: 31 से 11:05 तक
देवी सरस्वती नाम मंत्र:-
ॐ सरस्वत्यै नमः।ॐ महाभद्रायै नमः।ॐ महमायायै नमः।ॐ वरप्रदायै नमः।ॐ श्रीप्रदायै नमः।ॐ पद्मनिलयायै नमः।
सरस्वती मां की आरती:-
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता.
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता.
ॐ जय सरस्वती माता…
चंद्रवदनि पद्मासिनी, ध्रुति मंगलकारी.
सोहें शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी .
ॐ जय सरस्वती माता…
बाएं कर में वीणा, दाएं कर में माला.
शीश मुकुट मणी सोहें, गल मोतियन माला .
ॐ जय सरस्वती माता…
देवी शरण जो आएं, उनका उद्धार किया.
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया .
ॐ जय सरस्वती माता…
विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो.
मोह, अज्ञान, तिमिर का जग से नाश करो .
ॐ जय सरस्वती माता…
धूप, दीप, फल, मेवा मां स्वीकार करो.
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो .
ॐ जय सरस्वती माता…
मां सरस्वती की आरती जो कोई जन गावें.
हितकारी, सुखकारी, ज्ञान भक्ती पावें .
ॐ जय सरस्वती माता…
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता.
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता.
ॐ जय सरस्वती माता…
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता.
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता.
ॐ जय सरस्वती माता…
