चुनाव से पहले अखिलेश का नया प्रयोग,लाल कैप से ब्लू टी-शर्ट के पीछे की इनसाइड स्टोरी
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को मजबूत में जुट गई है. सपा के तेवर में बदलाव नजर आ रहा है. इस बीच पार्टी ने छात्र सभा के नेताओं के लिए नया ड्रेस कोड तय किया है, जो नीले रंग का होगा. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव का कहना है कि जब नई पीढ़ी की सोच नई है तो यूनिफ़ॉर्म भी नई होनी चाहिए. उन्होंने इस बदलाव को अपने PDA मूवमेंट से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि नया ड्रेस कोड न केवल एक अनूठी पहचान प्रदान करता है, बल्कि पार्टी और ‘बहुजन समाज’ के समाजवादी मूल्यों को भी दर्शाता है. दलित राजनीति से जुड़े नीले रंग को अपनाना पार्टी की बदली हुई रणनीति का संकेत माना जा रहा है.दरअसल समाजवादी पार्टी और उसके संगठनों में लाल रंग लंबे समय से समाजवादी विचारधारा, संघर्ष और आंदोलन की पहचान रहा है.

ऐसे में छात्र सभा के ड्रेस कोड में नीले रंग को शामिल करना सुर्खियों में बना हुआ है. इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में छात्र सदस्यों के लिए आयोजित समाजवादी छात्र सभा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि पार्टी के छात्र संगठन ने नीली टी-शर्ट और जींस को अपना नया ड्रेस कोड अपनाया है. उन्होंने कहा कि यह संगठन शिक्षण संस्थानों में युवाओं से जुड़ने के लिए दो सप्ताह का छात्र जागरूकता अभियान शुरू करेगा.अखिलेश यादव ने कहा कि जब नई पीढ़ी की सोच नई है तो यूनिफ़ॉर्म भी तो नई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यूनिफ़ॉर्म समाजवादी मूल्यों की ही बात करती है. उन्होंने कहा कि यूनिफ़ॉर्म पहनावे के भेद से जन्म लेनेवाली ग़ैरबराबरी को ख़त्म करके UNIFORMITY लाती है. इसीलिए ये समाजवाद के बराबरी के सिद्धांत को और भी मज़बूत करती है.‘अखिलेश यादव ने कहा कि यूनिफ़ॉर्म एक विशेष पहचान भी देती है, जिसके साथ अनुशासन और कर्तव्य का संकल्प जुड़ा होता है. जो आपकों सद्कर्मों के लिए प्रेरित करती है. उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह के कर्तव्य निभाने होते हैं, इसीलिए एक विशेष पहनावा, विशेष कर्म-कर्तव्य का प्रतीक बन जाता है.सपा प्रमुख ने कहा ‘हमारी ये यूथ फ़ोर्स स्कूलों-कॉलेजों-यूनिवर्सिटी में जाकर हमारे Socialist Ideology से यूथ को जोड़ेगी और PDA के Positive-Progressive, Democratic, Affirmative Actions के बारे में यूथ को बताएगी और उन्हें PDA मूवमेंट के बड़े विचार के बारे में समझाएगी, जो कहता है कि जो पीड़ित, वो पीडीए!.अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि PDA पीड़ित, दुखी, अपमानित लोगों के सकारात्मक समूह का नाम है. उन्होंने कहा कि प्रेम, दया, अपनापन ही PDA को एकजुट करता भी है और एकजुट रखता भी है. उन्होंने कहा कि हमने बंधुराष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया है, यूथ उसकी प्रेरणा भी है और शक्ति भी क्योंकि यूथ मूल रूप से भेदभाव को नहीं मानता है वो सबको बंधु की तरह देखता है. उन्होंने कहा कि बंधुत्व एक तरफ़ से मित्रता का ही दूसरा रूप है. Fraternity और Friendship एक ही भावना के दो रूप हैं.‘अखिलेश ने कहा कि ‘अब तुम्हारे हवाले भविष्य साथियों आप सब आगे बढ़ो और NEO INDIA बनाओ!. उन्होंने कहा कि Neo India के आधार में बराबरी होगी, जो प्रेम दया अपनापन के मानवीय सिद्धांत पर आधारित हम सबको हमारी वसुधैव कुटुंबकम् की महान परंपरा के अनुरूप हमें बड़े विचारों वाला Positive Progressive Global Citizen बनाएगा, जो हाथ खोलकर पूरी दुनिया को गले लगाएगा.उत्तर प्रदेश में नीला रंग हमेशा से दलित और आंबेडकर की विचारधारा से जुड़ा रहा है. वहीं अबतक दलित-केंद्रित पार्टियां ही इस रंग का इस्तेमाल करती आई हैं. खासकर बसपा और आजाद समाज पार्टी जैसी पार्टियां. लेकिन अब समाजवादी पार्टी ने भी इस रंग को अपनालिया है. लाल टोपी वाले सपाई नेता भी अब ब्लू टी-शर्ट में नजर आएंगे. पार्टी का ये नया ड्रेस कोड चर्चा का विषय बना हुआ है.
