विदाई से पहले एक्टिव हुआ मानसून,कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
मॉनसून विदाई से पहले पूरी तरह एक्टिव हैं और यूपी, बिहार से होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल तक जमकर बरस रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. 28 सितंबर के लिए देश के कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी है. यूपी में झमाझम बारिश की वजह से 25 से ज्यादा जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है, जबकि उत्तराखंड में बारिश की वजह से लगातार लैंडस्लाइड होने से केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई है. हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी आज बर्फबारी की संभावना है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक राज्यों में अगले 72 घंटे तेज बारिश होने की संभावना है.दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम तेजी से बदल रहा है, यहां सुबह से ही बादलों ने डेरा जमा रखा है, दिल्ली के तापमान में गिरावट की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है.

सोमवार को मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र होने की वजह से चक्रवाती हवाओं का दौर जारी है, ऐसे में मॉनसून अभी सितंबर से आगे अक्तूबर के महीने तक खिचने की पूरी संभावना बन रही है. क्योंकि आम तौर पर मॉनसून इस समय तक उत्तर भारतीय राज्यों से विदा होना शुरू हो जाता था. लेकिन फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम की वजह से अभी कुछ दिनों तक बारिश होने की पूरी संभावना बन रही है. उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की वजह से हालात बिगड़ने वाले शुरू हो गए हैं. आंधी-बारिश से प्रदेश में पिछले दो दिनों में 63 लोगों की मौत हुई है. यूपी में झमाझम बारिश से नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है, जिसे यहां गंगा समेत 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. मौसम विभाग ने आज यूपी में कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, उन्नाव, कन्नौज, बस्ती, लखनऊ समेत 46 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक अभी यूपी में अगले 3 दिनों तक बारिश होने की पूरे चांस बन रहे हैं. बारिश के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.उत्तराखंड में बारिश से चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी गई है. सोमवार को भी उत्तराखंड में झमाझम बारिश होने की संभावना है. यहां मौसम काफी आक्रामक रह सकता है. IMD ने हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी का अलर्ट है. वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम तेजी से बदल रहा है. यहां बादलों ने डेरा जमा रखा है, मौसम विभाग के मुताबिक आज हल्की बारिश से लेकर बूंदाबांदी कुछ इलाकों में हो सकती है. दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में आज दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है. दोपहर के समय कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम में आई तब्दीली की वजह से तापमान में भी गिरावट हो रही है. दिल्ली में दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहने की संभावना है. फिलहाल तापमान में गिरावट से दिल्ली-एनसीआर रीजन में उमस और गर्मी का दौर खत्म हो गया है.मध्य भारत के तहत आने वाले पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने की ओर बढ़ रहा है. मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने 72 घंटे का अलर्ट जारी किया है. एमपी में रीवा, सतना समेत भोपाल, जबलपुर और शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना बन रही है. नर्मदा नदी के उफान पर होने की वजह से यहां भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास सिमट सकता है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है.फिलहाल बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है. जिससे यहां ताजा सिस्टम बारिश की संभावना बढ़ा रहा है.साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवाती हवाओं का असर होने की वजह से नमी वाली हवाएं मैदानी राज्यों की तरफ बढ़ रही हैं और बारिश का रहा रही हैं. एक तरफ बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं आ रही हैं, दूसरी तरफ पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बाद ठंडी हवाएं आ रही हैं. जिनका मैदानी राज्यों में महामिलन हो रहा है. इस टकराव की वजह से मध्य और पूर्वी राज्यों में घने बादल छा रहे हैं. जिससे तेज बारिश हो रही है. इस बार अल नीनो को कमजोर करने वाला ला नीना भी मौसम की परिस्थितियों को प्रशांत महासागर में बदल रहा है. जिसकी वजह से मॉनसून अक्तूबर तक खिंच गया है. इसकी वजह से ही सिंतबर में सामान्य से तेज बारिश हुई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मॉनसून की विदाई इस बार अक्टूबर तक जा सकती है. क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से कुछ राज्यों में अचानक तेज आंधी और बिजली चमकने जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
