भारत आकर बोले चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग,भारत हमारा पार्टनर है

 भारत आकर बोले चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग,भारत हमारा पार्टनर है
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत की, जिसमें व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाकर दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने पर चर्चा की गई. वहीं भारत में चीन के राजदूत ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए PM मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के द्विपक्षीय मुलाकात की जानकारी दी.भारत में चीन के राजदूत के मुताबिक द्विपक्षीय बातचीत में जिनपिंग ने कहा कि भारत-चीन साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं. दोनों देशों को एक-दूसरे के लिए खतरे के बजाय विकास के अवसर के तौर पर देखना चाहिए.जिनपिंग ने द्विपक्षीय संबंधों और सीमा मुद्दे को समानांतर तरीके से आगे बढ़ाने, आपसी समझ बढ़ाने और सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की बात कही. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की आर्थिक और व्यापारिक चिंताओं को संतुलित तरीके से दूर करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की जरूरत है.जिनपिंग ने BRICS, SCO, UN और G20 में साथ काम करने और भारत के साथ बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने का संदेश दिया. जिनपिंग ने यह भी कहा कि भारत और चीन को ड्रैगन और हाथी की लड़ाई नहीं, बल्कि साथ मिलकर विकास की कहानी लिखनी चाहिए.यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दो दिन की यात्रा पर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे जिनपिंग के आने के कुछ घंटों बाद हुई.

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7 सालों में शी जिनफिंग की भारत की यह पहली यात्रा है. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति का दौरा रिश्तों को सामान्य बनाने का एक अहम मौका है, क्योंकि पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद ये रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे.बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा था, मैं भारत में आपका स्वागत करता हूं. जिनफिंग की भारत यात्रा कई उच्चस्तरीय संपर्कों के बाद हुई है. हालांकि, अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में चीन के आक्रामक सैन्य रुख को लेकर चिंताएं अब भी बनी हुई हैं. मोदी और जिनफिंग ने पिछले साल 31 अगस्त को चीन के तियानजिन शहर में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर व्यापक बातचीत की थी. पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने साल 2020 में गलवान घाटी में हुई घातक झड़पों के बाद गंभीर रूप से प्रभावित हुए अपने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS देशों के नेताओं और दूसरे मेहमानों के लिए गाला डिनर रखा. हालांकि, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस डिनर में शामिल नहीं हुए.सूत्रों के मुताबिक, जिनपिंग डिनर में जाने के बजाय अपने होटल लौट गए. एक सूत्र ने बताया कि वह आराम करने के लिए होटल गए थे. हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है. जिनपिंग शनिवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने BRICS समिट में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की.अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी गाला डिनर में शामिल नहीं हुए. वह दिन में BRICS समिट में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट गए थे. वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और BRICS के दूसरे नेता डिनर में मौजूद रहे।डिनर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी पहुंचे. केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री संसद भवन से दो बसों में भारत मंडपम पहुंचे.गाला डिनर में मेहमानों को कई खास भारतीय व्यंजन परोसे गए. मेन्यू में खंडवी मिले-फुई, खुम्ब गलौटी, पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, गाजर-फली पोरियल, चुकंदर रायता और मिलेट पुलाव शामिल थे. मिठाई में ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी और शहतूत फिरनी परोसी गई।डिनर के दौरान करीब 160 कलाकारों ने ‘BRICS Symphony One Rhythm, Many Cultures’ कार्यक्रम पेश किया. इसमें भारतीय कलाकारों ने भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्य पेश किए. BRICS के दूसरे सदस्य देशों के संगीतकारों ने भी इसमें हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम का आयोजन विदेश मंत्रालय की सांस्कृतिक संस्था इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) ने किया. इसका उद्देश्य BRICS देशों की अलग-अलग संस्कृतियों और सभ्यताओं को संगीत और नृत्य के जरिए एक साथ दिखाना था.BRICS में अब 11 सदस्य देश हैं. 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE और सऊदी अरब जुड़े, जबकि 2025 में इंडोनेशिया सदस्य बना. वहीं बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम BRICS के पार्टनर देश हैं।

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