दिल्ली हादसे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा,सरकार के पास कोई प्रबंधन नहीं
दिल्ली में एक हॉस्टल वाली इमारत के ढहने के बाद विपक्षी दलों और NSUI ने रविवार को केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना साधा. वहीं बीजेपी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए राजनीति न करने की नसीहत दे दी. दिल्ली भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत चौधरी ने कहा कि यह राजनीति का समय नहीं है. जो लोग प्रभावित हुए हैं, वे किसी के बच्चे हैं. राजनीति करने के बजाय, मदद का हाथ बढ़ाना चाहिए. विपक्ष को ऐसा नहीं करना चाहिए. उन्हें एकजुट होकर साथ खड़ा होना चाहिए.रजत चौधरी ने कहा कि हम दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि बचाव कार्य तेजी से हो ताकि सभी लोग अस्पताल पहुंचें, ठीक हों और सुरक्षित घर लौटें.NSUI के प्रेसिडेंट विनोद जाखड़ ने कहा कि हालात बहुत गंभीर हैं. बचाव कार्य चल रहा है और स्थिति बहुत खराब है. मलबे से निकाले जा रहे लगभग सभी छात्र मृत पाए गए हैं. हमने उन छात्रों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश की. हम उनमें से लगभग तीन को बचाने में सफल भी रहे. अगर मेडिकल सुविधाएं, मेडिकल टीमें, पुलिस और फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जातीं, अगर सभी जरूरी संसाधन और जिम्मेदार अधिकारी तुरंत मौजूद होते- तो शायद और छात्रों की जान बचाई जा सकती थी.

विनोद जाखड़ ने कहा कि BJP के पास कोई आपदा प्रबंधन योजना नहीं है. जरा देखिए कि आज देश के गृह मंत्री गोवा में BJP के एक भव्य कार्यालय का उद्घाटन कर रहे हैं, जबकि यहां एक इमारत गिर गई है. BJP के कार्यालय कभी नहीं गिरते क्योंकि वे PG और कोचिंग सेंटर संचालकों से जबरन वसूली गई रकम से बनाए जाते हैं. हमारी एकमात्र मांग छात्रों के लिए न्याय है. हमारे कई साथियों को भी गंभीर चोटें आई हैं. इसमें किसी की कोई जवाबदेही नहीं है.कांग्रेस ने इसे टाली जा सकने वाली त्रासदी करार देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र का जीवन अनमोल है. वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) संस्थापक अभिजीत दिपके ने घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और सवाल किया कि बुनियादी ढांचे की नाकामी की कीमत आखिर छात्रों को कब तक चुकानी पड़ेगी. अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में स्थित पांच मंजिला इमारत रविवार अपराह्न में ढह गई, जिसमें छात्रों समेत 6 लोगों की मौत हो गई और कई लोग मलबे में फंस गए.कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इमारत गिरने की घटना को अत्यंत दुखद और टाली जा सकने वाली त्रासदी बताया. उन्होंने कहा, यह त्रासदी उन असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले पीजी आवासों की समस्या को भी उजागर करती है, जिनमें अपर्याप्त छात्रावास सुविधाओं के कारण छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है. छात्र अपना भविष्य बनाने के लिए दिल्ली आते हैं, न कि सिर पर छत के लिए अपनी जान जोखिम में डालने. हर छात्र का जीवन अनमोल है.लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घटना को बेहद दर्दनाक और चिंताजनक बताया और कहा कि कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि मेरी अपील है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली दमकल सेवा और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए.उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं. इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं. छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था – अब हालात जानलेवा हैं. कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र पीजी में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं.आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण दिल्ली में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं और सत्य निकेतन इमारत हादसे को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर कहा, सरकार को नींद से जागना चाहिए. नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जरूरत है. आप नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना की तुलना साकेत में हुई इमारत गिरने की घटना से करते हुए कहा, ऑडिट के नाम पर फिर कारोबारियों, जिम, होटल और अस्पतालों से करोड़ों रुपए लूटे जाएंगे. कुछ नहीं बदलेगा.भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) महासचिव डी राजा ने इमारत गिरने के लिए सरकारी लापरवाही, अक्षमता और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया तथा पीड़ितों के लिए मुआवजे और शहर में सभी पीजी आवासों तथा छात्रावासों का समयबद्ध सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की. राजा ने एक्स पर एक पोस्ट में हादसे में मारे गए, घायल हुए और मलबे में फंसे लोगों तथा उनके परिवारों के प्रति एकजुटता जताई.उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों की सुरक्षा और आवास को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि पर्याप्त छात्रावास सुविधाएं नहीं होने के कारण कई छात्र महंगे और असुरक्षित पीजी में रहने को मजबूर हैं.वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घटना को स्तब्ध करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि मैं सभी के कुशल रहने की प्रार्थना करती हूं. ईश्वर सभी को सुरक्षित रखे. मैं प्रशासन से राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने की अपील करती हूं, ताकि हर पीड़ित तक समय पर मदद पहुंच सके.कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि यह अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुई दुर्घटनाओं की लंबी सूची में नवीनतम घटना है. वेणुगोपाल ने कहा कि बीजेपी के शासन में जीवन बहुत सस्ता हो गया है और सरकार स्पष्ट रूप से उन खतरनाक परिस्थितियों के प्रति असंवेदनशील है, जिनमें आम नागरिक अपना रोजमर्रा का जीवन जी रहे हैं.
