शांति और स्थिरता को मजबूत करने में भारत निभाएगा अहम भूमिका,अमेरिका-ईरान जंग को कराएगा समाप्त!
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अमेरिकी मिलिट्री काम्प्लेक्स की शिकायत की है. ईरान के राष्ट्रपति ने कहा अमेरिका में कुछ ग्रुप ऐसे है जो जंग को जारी रखना चाहते हैं ताकि उन्हें फायदा मिलता रहे. किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में मुलाकात के दौरान पेजेश्कियान ने पीएम मोदी से कहा कि भले ही अमेरिका अपने वादे पूरे करने में नाकाम रहा, लेकिन ईरान एक अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है. पेजेश्कियान ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है.पेजेश्कियान ने कहा, “हम अभी भी एक समझौते और आपसी समझ की दिशा में काम कर रहे हैं. हमारा मानना है कि युद्ध जारी रखने से न तो हमारे हितों को और न ही क्षेत्र या मानवता के हितों को कोई फायदा होता है.” फारस न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ अपनी मुलाकात में कहा कि अमेरिका में कुछ ऐसे तत्व हैं जो चाहते हैं कि संघर्ष जारी रहे.पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मुलाकात के दौरान, दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े समुद्री सहयोग और चाबहार बंदरगाह पर सहयोग के बारे में भी चर्चा की.

पेजेश्कियान ने कहा, “चाबहार बंदरगाह दक्षिण-पूर्वी ईरान में स्थित है, भारत ने इसके एक टर्मिनल को विकसित करने के लिए कम से कम 120 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. इस परियोजना पर प्रतिबंधों से जुड़ी अमेरिकी छूट रविवार (30 अगस्त, 2026) को समाप्त हो गई.”बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और आपसी महत्व के क्षेत्रों में ईरान और भारत के बीच सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया. पश्चिम एशिया संकट के बीच दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत जारी रही है. जून में, पीएम मोदी और पेजेश्कियान के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें ईरानी राष्ट्रपति ने भारतीय पीएम को पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं और आगे की राह के बारे में जानकारी दी थी.उस बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए बनी सहमति का स्वागत किया और स्थायी शांति और स्थिरता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को दोहराया. दोनों नेताओं ने इससे पहले 21 मार्च को बात की थी, जब उन्होंने पश्चिम एशिया क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की थी. बैठक के बाद, विदेश मंत्रालय ने X पर इसकी जानकारी साझा की. उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया.”X पर एक पोस्ट में PM मोदी ने लिखा, “बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई. हमने ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में और मजबूत करने का अपना वादा दोहराया. हमारा मकसद भविष्य में अपने व्यापार का दायरा बढ़ाना और उसमें विविधता लाना है. हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की. भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने की दिशा में की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा.”
