आजादी के बाद भारत ने खुद को ऐसे किया खड़ा?इन सभी सेक्टरों में बजा विदेशों में डंका
हर साल 15 अगस्त को पूरा देश मिलकर आजादी का जश्न मनाता है. वो आजादी, जिसके लिए कई लोगों ने बलिदान दिया और सालों तक संघर्ष करने के बाद भारत को अपनी नई पहचान मिली. ये वही दिन था, जब देश के लोगों ने आजादी की हवा में पहली सांस ली थी.आज से 80 साल पहले भले ही देश आजाद हो चुका था, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और बाकी चीजों को लेकर देश के लोग अब भी कई चीजों के गुलाम थे. धीरे-धीरे देश ने विकास की रफ्तार पकड़ी और आज उन तमाम चीजों से लोगों को आजादी मिल चुकी है, जो कभी उनके लिए बोझ जैसी थीं. कैश रखने की सिरदर्दी से लेकर सिलेंडर ढोने की मेहनत जैसी कई चीजों से आज आजादी मिल चुकी है. 15 अगस्त के मौके पर हम आपको 15 ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनके आने से लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो गई.रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे जरूरी चीज पैसा होती है, जिससे लोग अपने जरूरत का सामान खरीदते हैं और हर छोटे-बड़े काम में इसका होना जरूरी है.

कुछ साल पहले तक लोग जेब में कैश रखकर चलते थे, घर से बाहर निकलते ही ये डर सताने लगता था कि कहीं चोरी ना हो जाए, कहीं पैसे कम ना पड़ जाएं… लेकिन यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ने एक झटके में इस झंझट से आजादी दिला दी. साल 2016 में इस पेमेंट मोड की शुरुआत होने के बाद से अब चाय की टपरी से लेकर मॉल के बड़े स्टोर तक हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा है. कैश रखने की झंझट खत्म और एक क्लिक में पेमेंट की सुविधा ने लोगों की जिंदगी आसान बना दी है.भारत के कई ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में भले ही आज भी लोग खाना पकाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन ज्यादातर बड़े शहरों में अब PNG यानी पाइप लाइन वाली गैस की सुविधा शुरू हो चुकी है. इसने करोड़ों लोगों को सिलेंडर रखने और उसे बार-बार भरवाने से आजादी दिला दी है. पीएनजी का ये नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, आने वाले कुछ सालों में बाकी लोगों को भी भारी भरकम सिलेंडर और उसके खाली होने की टेंशन से पूरी आजादी मिल सकती है.घर का राशन या कोई और सामान लेने के लिए लोग पहले घर के पास के जनरल स्टोर पर जाते थे, लेकिन जब से 10 या 15 मिनट वाले क्विक डिलिवरी ऐप आए हैं तब से लोगों का काम आसान हो गया है. उन्हें घर से बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है. Blinkit, Zepto और Instamart जैसे ऐप्स ने 10 से 15 मिनट में घर के सामान की डिलीवरी संभव कर दी है. अब अचानक मेहमान आने या सामान खत्म होने पर तुरंत बाजार भागने से आजादी मिल गई है. देर रात तक भी आसानी से घर तक कोई भी चीज चुटकियों में पहुंच जाती है।मोबाइल के आने से पहले लोग टाइम देखने के लिए घड़ी पहनते थे. समय से उठने के लिए अलॉर्म वॉच खरीदते थे. मगर जब से मोबाइल आए इन्होंने सभी चीजों को रिप्लेस कर दिया है. मोबाइल के आने से कैमरों का इस्तेमाल भी खत्म सा हो गया है. लोग मोबाइल से ही अपने खास पल को कैप्चर कर लेते हैं. वहीं 5G के आने से अब बफरिंग बीते जमाने की बात हो गई है और कुछ ही सेकंड्स में भारी फाइलें डाउनलोड हो जाती हैं. यानी लोगों की जिंदगी मोबाइल ने बेहद आसान बना दी है और उन्हें कई चीजों से आजादी दे दी है.एंटरटेनमेंट भी अब सिर्फ थिएटर या टीवी के तय समय तक सिमट कर नहीं रह गया है. जब से ओटीटी प्लेटफॉर्म आए हैं तब से लोग फिल्में देखने के लिए थिएटर में जाने की बजाय घर में बैठकर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मूवीज और सीरीज देखना पसंद करते हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म का क्रेज लोगों में लॉकडाउन से बहुत ज्यादा बढ़ गया है. घर पर ही लोग पॉपकॉर्न लेकर बिंजवॉच करते हैं।ऑनलाइन शॉपिंग के आने से लोगों का घूम-घूमकर मोलभाव करने का झंझट खत्म हो गया है. अब कपड़े से लेकर इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सभी चीजों को ऑनलाइन एक क्लिक में मंगाया जा सकता है और अगर पसंद न आए तो उसे रिटर्न भी कर सकते हैं. रिटर्न से पूरा पैसा भी वापस मिल जाता है. ऐसे में लोगों को पूरा दिन निकालकर मार्केट के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग ने उन्हें इससे आजादी दिलाई है।बैंक का काम करवाने के लिए लोग पूरा दिन निकालकर जाते थे. बैंक में काम करवाने के लिए लंबी लाइनों में लगना और अपने नंबर का इंतजार करने में बहुत समय खराब हो जाता था. हर छोटे काम के लिए बैंक पहुंचना पड़ता था, लेकिन जब से ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा आई है तब से अकाउंट खोलने से लेकर एफडी करवाने तक सभी काम घर बैठे आसानी से हो जाते हैं. अब तो लोन के लिए भी ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है.कोरोना महामारी के दौरान भले ही लोगों को काफी ज्यादा परेशानी हुई और कई दिनों तक वो घरों से बाहर नहीं निकल पाए, लेकिन इस वायरस ने वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड वर्क कल्चर को न्यू नॉर्मल बनाने का काम कर दिया. कई कंपनियों में अब कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाती है और दुनिया के किसी भी कोने से काम करने की आजादी मिलती है।पहले जब फोन आए थे तो उन्हें चार्ज करना और इस चार्जिंग को पूरे दिनभर चलाना एक बड़ा चैलेंज होता था, फोन स्विच्ड ऑफ होने का डर हर वक्त सताता था, लेकिन अब 15-20 मिनट की सुपरफास्ट चार्जिंग से पूरे दिन का बैकअप मिल जाता है, वहीं पावर बैंक बाकी की कमी दूर कर देता है. यानी अब किसी दुकान या फिर दूसरे से फोन चार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ती है।
