खरगे का मंच शुद्धिकरण करने पर गरमाई सियासत,मनुवादी सोच के साथ काम करती है BJP!
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच को ‘शुद्ध’ किए जाने को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला है. राहुल ने कहा किये बीजेपी और आरएसएस की ‘मनुवादी’ सोच का नतीजा है. उन्होंने कहा, “हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच को शुद्ध करना सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, यह संविधान का अपमान है, जिसने छुआछूत को अपराध घोषित किया है.”इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया, यह कोई इकलौती घटना नहीं है. यह BJP-RSS की सालों से पाली-पोसी मनुवादी सोच का नतीजा है, वो घिनौनी सोच जो आज भी इंसान का दर्जा उसके जन्म से तय करती है, समानता और मानवता से नहीं. वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत भी गुस्सा जाहिर किया है.

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण सिर्फ़ एक व्यक्ति का अपमान नहीं – यह उस संविधान का अपमान है जिसने छुआछूत को अपराध घोषित किया।और यह कोई इकलौती घटना नहीं है। यह BJP-RSS की सालों से पाली-पोसी मनुवादी सोच का नतीजा है।उन्होंने एक्स पर किए पोस्ट में कहा, ख़रगे जी की रैली के बाद – BJP वालों ने हल्द्वानी के ग्राउंड का शुद्धिकरण कराया. सिर्फ इसलिए क्योंकि वह दलित हैं. दलितों के लिए यही गंदी घिनौनी सोच, यही नफरत BJP-RSS की असलियत है. खरगे जी जैसे वरिष्ठ नेता का अपमान – समूचे दलित समुदाय का अपमान है माफी मांगिए नरेंद्र मोदी.दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया. रैली के बाद वहां जो कुछ हुआ, उससे दलित-विरोधी राजनीति को लेकर विवाद खड़ा हो गया. रैली के बाद, ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ नाम के एक हिंदू संगठन ने उस जगह पर ‘शुद्धि हवन’ (शुद्धिकरण अनुष्ठान) किया. उन्होंने आरोप लगाया कि रैली के मंच से इस्लामी नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गईं. शुरू में, कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर इस अनुष्ठान का विरोध किया और शुद्धिकरण समारोह के खिलाफ प्रदर्शन किए.इसके बाद, जब इस अनुष्ठान की खबर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों तक पहुंची, तो यह मुद्दा दलित-विरोधी राजनीति का रूप ले गया. कांग्रेस ने इस घटना को बीजेपी-आरएसएस की दलित-विरोधी सोच से जोड़ा, बीजेपी पर आरोप लगाया और इस हरकत को दलितों का अपमान बताते हुए इसकी निंदा की.इस मामले को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने मांग की है कि हल्द्वानी में शुद्धिकरण अनुष्ठान करने वालों के खिलाफ छुआछूत कानून के तहत मामला दर्ज किया जाए और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए.राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन और सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने इस घटना की निंदा की. मानसून सत्र के आखिरी दिन जब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो खरगे ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में किसी धर्म या समाज के किसी वर्ग का जिक्र नहीं किया था, फिर भी बीजेपी से जुड़े लोगों ने मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया.राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस मुद्दे को उठाते हुए पूछा- बिना किसी धर्म या समुदाय का नाम लिए उठाए गए सरकारी मुद्दों के बाद ऐसा व्यवहार क्या लोकतंत्र और संविधान की रक्षा है?खरगे के इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह दुखद है। ऐसी घटना आपके लिए ही नहीं बल्कि समूचे राष्ट्र के लिए दुखद है। हम इसकी जांच करेंगे।राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “…मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उस समय, मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया।लेकिन मेरे भाषण के बाद, बीजेपी के लोगों ने उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए वहां हवन किया… क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा, “मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैं बरसों से इस सदन का सदस्य रहा हूं। मैं अनुसूचित जाति से आता हूं और दलित हूं, मैंने कभी किसी से यह गुहार नहीं लगाई कि ‘मेरी मदद करो’ या ‘मेरी रक्षा करो’।मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता भी हूं। लेकिन आप मेरे साथ अछूत जैसा बर्ताव करते हैं, ‘शुद्धिकरण’ करते हैं और मेरा अपमान करते हैं।”खरगे की इस सवाल पर राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की बात का जवाब देते हुए कहा, ” आपने (खरगे) ने जो कहा वह वाकई दुखद है, यह न केवल कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि हम सभी के लिए… बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। कभी नहीं। यह हम सभी के लिए, पूरे देश के लिए अफसोस की बात है। हम इसकी जांच करेंगे।मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि वहां जो कुछ भी हुआ, उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी। लेकिन मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। मैं इसकी निंदा करता हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। यह हम सभी के लिए बहुत खेद की बात है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं।
