छात्रों के आंदोलन पर सलमान खान का बड़ा बयान,ये मुद्दा छात्रों का है नेताओं का नहीं!

 छात्रों के आंदोलन पर सलमान खान का बड़ा बयान,ये मुद्दा छात्रों का है नेताओं का नहीं!
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नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर के छात्रों का और आम जानता का गुस्सा चरम पर है. कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर से संसद मार्च निकाला गया. उस दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज की और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. जिसके बाद कई फिल्मी सितारों ने भी स्टूडेंट्स के समर्थन में आवाज बुलंद की. मुंबई में भी प्रदर्शन हुआ, जिसमें कई स्टार्स पहुंचे. इसी कड़ी में अब बॉलीवुड के भाईजान यानी सलमान खान का बयान सामने आया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर एक लंबा और भावुक पोस्ट शेयर करते हुए सलमान खान ने पेपर लीक मामले को बेहद गंभीर बताया है और छात्रों के इस आंदोलन की जमकर तारीफ की है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये मुद्दा छात्रों और एजुकेशन सिस्टम के बीच का है. इसका राजनीतिकरण न हो.सलमान खान ने अपने ट्वीट की शुरुआत में ही दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुए तनाव और हिंसा पर चिंता जताई. उन्होंने लिखा, “ये एक बहुत ही शांतिपूर्ण आंदोलन था. मुझे बहुत दुख है कि इसने हिंसक रूप ले लिया. मेरी संवेदनाएं उन छात्रों और उनके परिवारों के साथ हैं जो इस दौरान घायल हुए हैं.”

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पेपर लीक पर कड़ा रुख अपनाते हुए सलमान ने आगे कहा, “पेपर लीक एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है. मुझे ये देखकर और जानकर खुशी हो रही है कि हमारे देश के बच्चे एक बेहतर एजुकेशन सिस्टम के लिए एक साथ आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका पूरा साथ दिया है.”छात्रों की हिम्मत और उनके समर्पण को सलाम करते हुए सलमान खान ने लिखा कि ये आंदोलन सही दिशा में है और देश की नई जनरेशन भारत का नाम रोशन करेगी. इसके साथ ही भाईजान ने इसके नाम पर होने वाली राजनीति को भी आड़े हाथों लिया. सलमान ने कहा, “ये मुद्दा छात्रों और एजुकेशन सिस्टम के बीच का है. इसका राजनीतिक अपहरण नहीं किया जाना चाहिए. इसका पूरा श्रेय केवल हमारे देश के छात्रों को जाना चाहिए. मुझे पूरा यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा सपोर्ट करेगी और एक मजबूत एजुकेशन सिस्टम बनाएगी. ये एक विन-विन सिचुएशन है.पोस्ट के अंत में सलमान खान ने देश के युवाओं के लिए एक बेहद अनोखा और पॉजिटिव विजन शेयर किया. उन्होंने लिखा, “शिक्षा को अगला ट्रेंड और फैशन बनना चाहिए. ये साल-दर-साल इतना ट्रेंडियर और फैशनेबल होना चाहिए कि बाहर से लोग पढ़ने के लिए भारत आएं और हमारा देश एक बड़ा एजुकेशनल हब बन जाए. जो भी शिक्षित होना चाहता है, ईश्वर उन सभी का भला करे.” सलमान खान का ये बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कई सोशल मीडिया यूजर्स बॉलीवुड के इतने बड़े सुपरस्टार के खुलकर सपोर्ट में आने के लिए उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं.अब अभिनेता अनुपम खेर ने भी एक वीडियो जारी किया और कहा कि वो छात्रों के आंदोलन के साथ हैं. हालांकि इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि अपनी लड़ाई, अपना मुद्दा और अपनी सोच किसी और के हाथों का औज़ार मत बनने दीजिए. उन्होंने छात्रों से कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार आपको है, लेकिन आपकी आवाज पर किसी और का कब्जा न हो इसकी जिम्मेदारी भी आपकी है.अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा सा वीडियो संदेश छात्रों को दिया है. अपने वीडियो के साथ कैप्शन में वो लिखते हैं, “छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं. उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए, समझा जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए. मेरी केवल एक प्रार्थना है- अपनी लड़ाई, अपना मुद्दा और अपनी सोच किसी और के हाथों का औज़ार मत बनने दीजिए. ये संदेश किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य के पक्ष में है. सुरक्षित रहिए, जागरूक रहिए और अपने विवेक पर हमेशा भरोसा रखिए. जय हिन्द!”अनुपम खेर कहते हैं, “आपके प्रदर्शन की तस्वीर देखकर मन व्याकुल भी हुआ और दुखी भी. किसी भी छात्र को अपनी बात कहने के लिए ऐसी परिस्थितियों से नहीं गुज़रना चाहिए. मैं भी कभी छात्र था. मैंने भी सपने देखे, सवाल पूछे, व्यवस्था से असहमति जताई. आज भी मेरे संस्थान में सैकड़ों विद्यार्थी हैं. इसलिए मैं आपकी बेचैनी, आपका गुस्सा और आपकी उम्मीदें, तीनों को समझ सकता हूं. मेरी नजर में छात्र आंदोलन समाज की सबसे अच्छी आवाज होती है. उनमें कोई स्वार्थ नहीं होता, उन्हें बस अपने भविष्य की चिंता होती है. अपने अधिकारों की बात होती है. और देश को बेहतर बनाने का सपना भी होता है. इसीलिए मैं दिल से आपके साथ हूं.”आगे अनुपम खेर लेकिन के साथ कहते हैं, “एक बात और मैं आपसे बड़े भाई की तरह कहना चाहता हूं. जब आपके आंदोलन में बाहर के लोग घुसने लगते हैं. राजनैतिक अवसरवादी, हर आंदोलन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले लोग या ऐसे तत्व, जिनका मकसद आपका मुद्दा नहीं, बल्कि अपना एजेंडा होता है, तब सावधान हो जाइए.अनुपम खेर कहते हैं,शुरू में आपको लगेगा कि जितने ज्यादा लोग जुड़ेंगे उतनी ताकत आपकी बढ़ेगी. लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है. बहुत बार वही लोग आपकी सबसे बड़ी ताकत को आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बना देते हैं. वो आपकी आवाज नहीं बनते, वो आपकी आवाज का इस्तेमाल करने लगते हैं. वो आपके दर्द को महसूस करने नहीं आते, वो आपके दर्द पर अपनी राजनीति की इमारत खड़ी करने आते हैं. धीरे-धीरे मुद्दा आपका नहीं रह जाता, कैमरे उनके हो जाते हैं, नारे उनके हो जाते हैं, मकसद उनका हो जाता है और शायद नुकसान आपका।

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