ईरान से जंग के लिए अरबों डॉलर मांग रही ट्रंप सरकार,संसद में नया फंड मांगने पहुंचे रक्षा मंत्री
अमेरिका ने लगातार 11वीं रात ईरान पर हमला बोला है. इसकी जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर दी. अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य ताकतों को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया जाता है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप सरकार के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि अमेरिकी रक्षा विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, ईरान युद्ध में अबतक 37.5 अरब डॉलर की लागत लग चुकी है. भारतीय करेंसी में यह रकम 3.6 लाख करोड़ रुपए से अधिक की बैठती है.रक्षा मंत्री हेगसेथ ने अमेरिकी संसद की सीनेट एप्रोप्रिएशन कमिटी की सुनवाई के दौरान यह अनुमान बताया. ईरान युद्ध की लागत का यह आंकड़ा अप्रैल के आखिर में उनके बताए गए $25 बिलियन के अनुमान से लगभग $12 बिलियन ज्यादा है. उस समय राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ कुछ समय के लिए सीजफायर पर बातचीत की थी. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अब मिस्टर हेगसेथ और ट्रंप सरकार ईरान युद्ध के खर्च को पूरा करने और नए हथियारों व सैनिकों के लिए $70 बिलियन तक के इमरजेंसी सैन्य खर्च की मांग कर रहे हैं.इस रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन प्रोडक्शन लाइन को बढ़ाने और ज्यादा मांग वाले हथियारों, जैसे प्रिसिजन बम, हाइपरसोनिक मिसाइल और काउंटर-ड्रोन सिस्टम की डिलीवरी में तेजी लाने के लिए $46 बिलियन की मांग कर रहा है.

हेगसेथ ने कहा, “यह दुनिया की नई सच्चाइयों पर आधारित एक नई मांग है, और हम उस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं.”उन्होंने कहा कि समस्या पैसे की कमी नहीं, बल्कि खराब प्लानिंग है. इसलिए मैं साफ-साफ कहूंगी. सच तो यह है कि आपकी मांग का कोई खास मतलब नहीं है. जबकि हेगसेथ ने पेंटागन की आपातकालीन फंडिंग की मांग के इतने बड़े होने के लिए पिछले बाइडेन सरकार को जिम्मेदार ठहराया. हेगसेथ ने कहा, “इस तरह के खर्च की जरूरत इसलिए है क्योंकि बाइडेन सरकार ने हमारे विभाग के अंदर भारी लापरवाही और अनदेखी की है.” उन्होंने सेना को आधुनिक बनाने की जरूरत के बारे में बात की, क्योंकि सस्ते और बड़ी संख्या में उपलब्ध ड्रोनों के आने से युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा था.आमतौर पर, पेंटागन के आधुनिकीकरण के प्रयासों का खर्च नियमित बजट से उठाया जाता है, न कि आपातकालीन अतिरिक्त मांगों से, जैसी मांग हेगसेथ ने मंगलवार को की है.8 जुलाई को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि सीजफायर खत्म हो गया है और लड़ाई फिर से शुरू हो गई है. पिछले हफ्ते के आखिर में जॉर्डन में एक बेस पर ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक अन्य सैनिक लापता हो गया, लेकिन घटनास्थल पर मिले अवशेषों के बारे में माना जा रहा है कि वे लापता सैनिक के ही हैं. जबकि ईरानी अधिकारियों के अनुसार, युद्धविराम खत्म होने के बाद से ईरान में अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं.
