मॉनसून फिर से हुआ सक्रिय,तेज़ आंधी-तूफान के साथ होगी झमाझम बारिश

 मॉनसून फिर से हुआ सक्रिय,तेज़ आंधी-तूफान के साथ होगी झमाझम बारिश
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मौसम विभाग की भविष्‍यवाणी सच साबित हुई. IMD ने मौजूदा सप्‍ताह में दिल्‍ली-एनसीआर में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया था. वीक के शुरुआती दिन यानी सोमवार से ही बारिश का माहौल बनना शुरू हो गया और देर रात से दिल्‍ली के साथ ही नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में हल्‍की से मध्‍यम दर्जे की बारिश शुरू हो गई. दूसरी तरफ, जम्‍मू-कश्‍मीर से लेकर बिहार, बंगाल और नॉर्थईस्‍ट तक में मूसलाधार बारिश हो रही है. मौसम विभाग की मानें तो मानसून प्रभावित राज्‍यों में तेज बारिश का दौर अभी जारी रहेगा. मुंबई के साथ ही महाराष्‍ट्र के अन्‍य हिस्‍सों में बारिश की संभावना फिर से प्रबल हो गई है. मौसम विज्ञानियों ने अगले 4 दिनों तक मध्‍यम से भारी बारिश होने की बात कही है. बता दें कि मानसून के सक्रिय होने के बाद मुंबई में ताबड़तोड़ बारिश हुई थी, लेकिन उसके बाद इसमें कमी आई. अब एक बार फिर से तेज बारिश के आसार जताए गए हैं. गुजरात में भी झमाझम बारिश की संभावना बन गई है.

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. IMD ने उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियां के कारण भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. IMD के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक इन क्षेत्रों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिम-मध्य और दक्षिण भारत में अगले 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं. आईएमडी ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 21 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है.उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में हल्की से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. इस दौरान कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है. उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. इसके बाद 22 से 25 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. उत्तराखंड में भी 21 जुलाई के बाद 22 से 26 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है.पूर्वी भारत में बिहार के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है. राज्य के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 21 जुलाई को भी बहुत भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी. झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा का पूर्वानुमान है. पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय में अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।मध्य भारत में छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में भी अलग-अलग दिनों में भारी वर्षा हो सकती है. पश्चिमी भारत में कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में समग्र रूप से वर्षा की गतिविधियां सामान्य से कमजोर रहेंगी, हालांकि तटीय कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है. आईएमडी ने पर्वतीय और नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी संभावित परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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