बिहार में इंडियन मुजाहिद्दीन हुआ सक्रिय,सीमांचल बना देशद्रोहियों का अड्डा!

 बिहार में इंडियन मुजाहिद्दीन हुआ सक्रिय,सीमांचल बना देशद्रोहियों का अड्डा!
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बिहार के सीतामढ़ी से दो युवकों को एनआईए से मिले इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया गया . जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों पाकिस्तान स्थित नेटवर्क और एक पाकिस्तानी गैंगस्टर के संपर्क में थे और देशविरोधी गतिविधियों और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की साजिश रच रहे थे. गिरफ्तार आरोपी मो. अखलाक और मो. अरमान सीतामढ़ी के टकोर गांव के निवासी हैं.फिलहाल, दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने उनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. जांच के मुताबिक दोनों आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क से जुड़े राणा हसनैन उर्फ राणा हुसैन के संपर्क में थे. वह इनसे ‘वन-टाइम’ ऑडियो कॉल के जरिए बातचीत करता था. इसमें कॉल कट होने के बाद अपने आप उसका रिकॉर्ड डिलीट हो जाता है.सीतामढ़ी के अलावा देशभर में और भी मामले सामने आए हैं, जिसमें संदिग्ध , सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मेसेजिंग ऐप्स के जरिए पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और एक पाकिस्तानी गैंगस्टर के संपर्क में रहे हैं.

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रांची में RSS कार्यालय पर हमले को लेकर गिरफ्तार आरोपियों से लेकर यूपी और दिल्ली में पकड़े गए कई संदिग्धों के मामले में भी सेम पैटर्न देखा जा रहा है. इसमें पाकिस्तान समर्थित तहरीक-ए-तालिबान नाम के आतंकी संगठन का भी नाम सामने आया है, जिसे शहजाद भट्ठी नाम के एक पाकिस्तानी गैगेंस्टर चला रहा है.पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन की तरफ से सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क किया जाता है.उन्हें बरगलाया जाता है. फिर उन्हें छोटे-छोटे भुगतान के जरिए पोस्टर, ग्रैफिटी से प्रचार कराया जाता है.इसके बाद रेकी कराई जाती है. हथियार मुहैया कराया जाता है.भारत में दहशत फैलाने के लिए तैयार आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में रहता है.उसके निर्देशों पर काम करता है. फिर बड़ा लालच देकर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिलाया जाता है.हाल में सीतामढ़ी से दो संदिग्धों की गिरफ्तारी, जांच एजेंसियों को चिंतिंत करने वाली हैं. दरअसल, सीतामढ़ी नेपाल की सीमा से लगा जिला है. यह सीमा पूरी तरह से खुली हुई रहती है. ऐसे में यहां से भारत में एंट्री करना आसान रहता है. आतंकी इस सीमा का इस्तेमाल फर्जी पहचान, लॉजिस्टिक्स और ट्रांजिट के लिए करने की कोशिश कर सकते हैं. इसको लेकर कई मामलों का जांच एजेंसियों ने खुलासा भी किया है. इसके अलावा आतंकी मॉड्यूल्स की तरफ से अतीत में इस रूट का इस्तेमाल करने के मामले भी सामने आए हैं.साल 2011 से 2013 के बीच ,सीमांचल के सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और आसपास के जिलों से प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के कई ऑपरेटिव की गिरफ्तारियां हुई थी. से उस वक्त दरभंगा या फिर बिहार मॉड्यूल कहा गया था. बता दें कि इंडियन मुजाहिद्दीन (Indian Mujahideen) भारत में सक्रिय एक इस्लामी आतंकवादी संगठन था. इसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘सिमी’ (SIMI) का ही एक नया रूप माना जाता है. भारत सरकार ने 4 जून 2010 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत इस पर प्रतिबंध लगा दिया था.इस संगठन ने दिल्ली, मुंबई, जयपुर, अहमदाबाद और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में कई सिलसिलेवार बम धमाके किए. इन हमलों में सैकड़ों मासूम लोग मारे गए थे. यासीन भटकल, रियाज़ भटकल, इकबाल भटकल और अब्दुल सुभान कुरैशी इसके मुख्य संस्थापक और संचालक थे. यासीन भटकल दरभंगा मॉड्यूल का जिम्मेदारी संभालता था. साल 2013 में दरभंगा में बम धमाके और फिर पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान हुए विस्फोट में भी दरभंगा मॉड्यूल की भूमिका सामने आई थी.मोहम्मद कतील सिद्दीकी (दरभंगा) दिल्ली से गिरफ्तार.गौहर अज़ीज़ खोमानी दरभंगा से गिरफ्तार.गयूर अहमद जमाली मधुबनी से गिरफ्तार.मोहम्मद आदिल उर्फ अजमल (पाकिस्तानी नागरिक) मधुबनी से गिरफ्तार.अब्दुर रहमान (दरभंगा) और मोहम्मद इरशाद खान (समस्तीपुर) चेन्नई से गिरफ्तारमोहम्मद तारिक अंजुमन एहसान नालंदा से गिरफ्तार.मोहम्मद कफील अहमद दरभंगा से गिरफ्तार.असदुल्लाह रहमान उर्फ दिलकश (मूल निवासी दरभंगा) दिल्ली से गिरफ्तार.कफील अख्तर को दरभंगा के केवटी इलाके से गिरफ्तार किया गया.फसीह महमूद (दरभंगा) को सऊदी अरब से भारत लाया गया.दानिश अंसारी को दरभंगा से NIA ने गिरफ्तार कियायासीन भटकल को NIA ने रक्सौल से गिरफ्तार किया.अब सीतामढ़ी से हुई दो संदिग्धों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. भले ही ये संदिग्ध डिजिटली पाकिस्तानी समर्थित आतंकी संगठन के संपर्क में बताए जा रहे हो, लेकिन जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी जांच कर रही है, कहीं दरभंगा मॉड्यूल की तरह सीतामढ़ी या फिर उसके आसपास के जिले में सीमा पार का कोई बड़ा आतंकी नेटवर्क सक्रिय तो नहीं है. फिलहाल, जांच एजेंसियों ने इस मामले पर अपना फोकस बढ़ा दिया है.

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