अमेरिका और ईरान के बीच काम नहीं आई डील,फिर से दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग

 अमेरिका और ईरान के बीच काम नहीं आई डील,फिर से दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग
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अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग छिड़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं. सेना ने खुद बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. ईरान के अलग-अलग इलाकों में हमले किए जा रहे हैं. अबू मूसा आइलैंड, बंदर अब्बास जैसे ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर अमेरिका धमाके कर रहा है. चाबहार में भी हमले हुए हैं जिसके बाद यहां बिजली सप्लाई कट गई है. आज ही मशहद शहर में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सुपुर्द-ए खाक किया जाना है.अमेरिका इन हमलों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुए जहाजों पर अटैक का बदला बता रहा है. ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेज़ाई ने X पर कुरान की एक आयत पोस्ट की और कहा कि ‘हमलावर दुश्मन और उसके साथियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी’.

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भारतीय समयानुसार रात करीब 1.45 बजे अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी किया. बयान में कहा गया-अमेरिकी सेना प्रमुख के निर्देश पर, अमेरिकी सेंट्रल फोर्स ने होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करने के लिए उसके खिलाफ अतिरिक्त हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिका, महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर स्वतंत्र रूप से आवागमन कर रहे जहाजों और नागरिक दल के खिलाफ हाल ही में किए गए हमलों के लिए ईरान को जवाबदेह ठहरा रहा है.ईरानी मीडिया ने सिरिक, बुशहर, कोनारक और चाबहार में धमाकों की खबर दी है और कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिए गए हैं. सिरिक में बंदरगाह को टारगेट किया गया है. इससे पहले 8 जुलाई की रात भी अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे. ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था.हमलों पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान में कहा गया है-यह ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए बम हमले का बदला है. अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो हालात और भी बुरे हो जाएंगे! ट्रंप ने हमले से पहले ही ऐलान कर दिया था. कल 8 जुलाई को ही ट्रंप ने मीडिया के सामने कहा था कि ईरान से उनका सीजफायर खत्म हो गया है. इसके बाद ट्रंप ने रात में हमले करने की चेतावनी दी थी और अमेरिकी सेना ने ठीक वैसा ही किया.दोनों देशों के बीच 17 जून को एक MoU साइन हुआ था. ये माना जा रहा था कि अब जंग खत्म हो गई. उस डील पर साइन होने के बाद दोनों देशों को अलग-अलग मुद्दों पर सहमति के लिए वार्ता करनी थी. लेकिन वो भी विफल रही. दूसरी तरफ, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल के लिए ईरान अड़ा रहा. अमेरिका और ईरान ने इसी बात पर फिर तनातनी हो गई. हालांकि, ईरान पिछले एक हफ्ते से अपने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह में व्यस्त है. तय शेड्यूल के मुताबिक, आज 9 जुलाई को खामेनेई के शव को सुपुर्द ए खाक किया जाना है.

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