पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव,हमले में 30 लोगों ने खोई अपनी जान

 पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव,हमले में 30 लोगों ने खोई अपनी जान
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पाकिस्तान ने रविवार को अफगानिस्तान सीमा के पास सैन्य कार्रवाई की, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई. पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, यह कार्रवाई हाल में पाकिस्तान में हुए कई आतंकी हमलों के जवाब में की गई. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर पहले से योजना बनाकर सीमा क्षेत्र में जमीनी अभियान और हवाई हमले किए.अत्ताउल्लाह के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर हुए आतंकी हमलों के बाद यह कार्रवाई की गई. शनिवार रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर आतंकियों ने हमला किया था. सिंध पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो ने बताया कि आतंकियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन को मुख्य गेट से टकरा दिया. इसके बाद वहां भारी गोलीबारी हुई. शुरुआती जांच में यह साफ नहीं हो पाया कि वाहन में विस्फोट भी हुआ था या नहीं.इस हमले में तीन पाकिस्तानी अर्धसैनिक और तीन आतंकी मारे गए. वहीं, एक जवान के पैर में गोली लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. हमले के बाद स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU), एंटी-टेररिस्ट फोर्स (ATF), रेंजर्स और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया. रेस्क्यू 1122 सिंध की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया.अल जजीरा के मुताबिक, इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है. यह संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक अलग गुट है. संगठन का दावा है कि इस हमले में उसके 9 आतंकियों ने हिस्सा लिया था.पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में पुलिस और सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले तेजी से बढ़े हैं. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि इन हमलों के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े दूसरे आतंकी संगठन हैं. TTP, अफगान तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों एक-दूसरे के सहयोगी माने जाते हैं. 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से सीमा पर तनाव लगातार बढ़ा है.

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पाकिस्तान का कहना है कि वह शांति चाहता है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा. दूसरी ओर, पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता है कि अफगान तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को शरण देती है, जबकि अफगानिस्तान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है.अफगानिस्तान का कहना है कि 10 जून को पाकिस्तान ने खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए थे. इनमें 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल थे. वहीं पाकिस्तान ने इस आरोप से इनकार किया. उसका कहना है कि उसने किसी नागरिक इलाके को निशाना नहीं बनाया.पाकिस्तान के मुताबिक, हमले केवल आतंकियों के ठिकानों पर किए गए थे, जिनमें 26 आतंकवादी मारे गए. फरवरी से अब तक दोनों देशों के बीच कई बार जवाबी सैन्य कार्रवाई हो चुकी है. इस सीमा संघर्ष में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. दोनों देशों के बीच कई दौर की अंतरराष्ट्रीय शांति वार्ता हुई, लेकिन अब तक स्थायी युद्धविराम नहीं हो सका है.पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में सीमा पार हमलों और जमीनी कार्रवाई का लगातार एक सिलसिला देखा गया है। पाकिस्तान की सेना ने तीन हफ्ते पहले भी अफगानिस्तान में ‘आतंकी गुटों’ को निशाना बनाने का दावा करते हुए हमले किए थे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी शांति के कई प्रयासों के बावजूद तनाव बना हुआ है।अक्टूबर में अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए थे। उसने TTP और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था। पाकिस्तान इन गुटों को अपनी जमीन पर हिंसा फैलाने का जिम्मेदार मानता है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इनको पनाह देती है।

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