कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बीजेपी पार्टी जाएगी कोर्ट,सीएम मोहन यादव से जुड़ा हुआ है मामला

 कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बीजेपी पार्टी जाएगी कोर्ट,सीएम मोहन यादव से जुड़ा हुआ है मामला
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके परिवार पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए जमीन घोटाले के आरोपों के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है. इस मामले में बुधवार को लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पत्रकारवार्ता की. जिसमें उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार, हास्यास्पद और मानसिक दिवालियापन का प्रतीक बताया है.मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निष्पक्ष जांच की मांग करता है तो उसमें भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि सच हमेशा साफ होता है. लेकिन कांग्रेस द्वारा केवल और केवल दुष्प्रचार फैलाने के उद्देश्य से की जा रही इस बयानबाजी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का लीगल सेल विचार कर रहा है और जल्द ही कांग्रेस के खिलाफ मानहानि का प्रकरण दर्ज कर नोटिस भेजा जाएगा.​

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पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब मंत्री राकेश सिंह से सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस और भाजपा दोनों की संपत्तियों की जांच कराकर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाना चाहिए, तो उन्होंने सधे हुए अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि “हम इस बात से पूरी तरह सहमत हैं. यदि कोई निष्पक्ष जांच की मांग करता है, तो जांच होने में हमें कोई आपत्ति नहीं है. व्यक्तिगत रूप से किसी के लिए भी जांच की मांग की जा सकती है. अगर किसी की संपत्तियों में गलत तरीके से इजाफा हुआ है, तो वह सच सामने आना चाहिए. लेकिन ठोस सबूतों के बिना केवल और केवल अनावश्यक दुष्प्रचार करना कहीं से उचित नहीं है.”​उज्जैन जमीन मामले को लेकर कांग्रेस द्वारा पेश किए गए आंकड़ों पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा, ​”कांग्रेस आज हताशा और निराशा के उस दौर में पहुंच चुकी है, जहां उसे देश और प्रदेश के हितों से कोई सरोकार नहीं रह गया है. देश में जनप्रतिनिधि कानून लागू है, जिसके तहत चुनाव के समय हर प्रत्याशी को अपनी और अपने परिवार की संपत्ति का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग को सौंपना होता है. डॉ मोहन यादव ने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी, अपनी पत्नी और अपने बच्चों की संपत्ति की पूरी और सही जानकारी पहले ही सार्वजनिक कर दी है. कांग्रेस जो आंकड़े आज दिखा रही है, वे सभी पहले से ही ऑन रिकॉर्ड हैं.”​मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के रिश्तेदारों पर नियम विरुद्ध जमीन खरीदने के आरोपों को मंत्री राकेश सिंह ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कांग्रेस की दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब राहुल गांधी के जीजा का नाम जमीन घोटालों में आता है, तब कांग्रेस कहती है कि उनका सोनिया गांधी या राहुल गांधी से क्या लेना-देना. लेकिन यहां डॉ मोहन यादव के पिताजी के बड़े भाई के बेटे ने यदि कोई संपत्ति खरीदी है, तो उसके लिए मुख्यमंत्री कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं. यदि कांग्रेस उस रिश्तेदारी को भी मानती है, तो वह यह साबित करे कि इसमें सरकार की क्या भूमिका है. यह पूरी तरह से कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन है.”कांग्रेस द्वारा ​सरकारी ट्रस्ट की जमीन को लेकर उठाए गए सवालों पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा, “कांग्रेस को शायद यह भी समझ नहीं है कि सरकारी और प्राइवेट ट्रस्ट में क्या अंतर होता है. इस मामले में जमीन का हस्तांतरण राजस्व मंत्रालय से संस्कृति मंत्रालय को हुआ है. जब सरकार अपने ही एक विभाग से दूसरे विभाग को जमीन सौंप रही है, तो इसमें घोटाला कैसे हो सकता है. यह स्थानांतरण इसलिए किया गया ताकि संपत्ति का मूल स्वामित्व सरकार के पास ही सुरक्षित रहे.”उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो निजी ट्रस्ट के नाम पर सरकारी जमीन कर दी थी, वह गलत नहीं था लेकिन यहां सरकार खुद को ही जमीन हस्तांतरित कर रही है, तो कांग्रेस को इसमें घोटाला नजर आ रहा है.”लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा, “​राजनीति के क्षेत्र में परस्पर आरोप-प्रत्यारोप चलते हैं लेकिन आरोपों के पीछे कोई ठोस प्रमाण तो होना चाहिए. कांग्रेस के सभी दावे पूरी तरह निरर्थक हैं और इसके कानूनी पहलुओं पर भाजपा का लीगल सेल विचार कर रहा है. आने वाले समय में कांग्रेस नेताओं को मानहानि का कानूनी नोटिस थमाया जाएगा.”उन्होंने कहा कि “इस तरह के कांग्रेस के खोखले आरोपों से मध्य प्रदेश के विकास की गति रुकने वाली नहीं है. डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में पूरी भाजपा एकजुट है और राज्य तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, जिसका अनुसरण आज दूसरे राज्य भी कर रहे हैं.

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