आखिर मुज्तबा खामेनेई कहां हैं?अमेरिका से फाइनल डील के बाद ईरान करेगा कोई बड़ा खेल!

 आखिर मुज्तबा खामेनेई कहां हैं?अमेरिका से फाइनल डील के बाद ईरान करेगा कोई बड़ा खेल!
Sharing Is Caring:

अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करने पर सहमति बन गई है. 14 जून (रविवार) को डील पर डिजिटल साइन हो गए हैं. अब आमने-सामने टेबल पर बैठने का इंतजार है. 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के डेलीगेशन बैठकर एमओयू साइन करेंगे. अब सवाल ये है कि ईरान की तरफ इस पूरी डील को कौन लीड कर रहा है और शुक्रवार की बैठक में किसकी कलम से ईरान की तकदीर लिखी जाएगी. दूसरा सवाल ये कि अब जबकि युद्ध खत्म हो गया है और अमेरिका कोई हमला नहीं कर रहा है, फिर सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई बाहर क्यों नहीं आ रहे हैं?इस संबंध में अमेरिका की तरफ से जानकारी आई है. मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि डिजिटल साइन करने वालों में अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस थे. जबकि ईरान की तरफ से पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बग़र गालीबाफ ने ये साइन किए. हालांकि, ईरान की तरफ से नाम की पुष्टि नहीं की गई है. खुद स्पीकर गालीबाफ ने सोमवार को एक्स पर लिखा-ईरान ने अमेरिका से एग्रीमेंट कर फाइनल विक्ट्री की तरफ एक बड़ा कदम उठाया है. अब शुक्रवार (19 जून) को स्विट्जरलैंड में होने वाली मीटिंग में डील कौन साइन करेगा, ये भी सवाल है. सीजफायर से लेकर अब तक ईरान की तरफ से पूरी बातचीत को अरागची औरगालीबाफ ही लीड करते आए हैं. पाकिस्तान में जो मीटिंग हुई थी उसमें अमेरिका की तरफ से वेंस और ईरान की तरफ से गालीबाफ और अरागची ही मुख्य किरदार थे. ऐसे में उम्मीद की जा रही है डिजिटल साइन करने वाले गालीबाफ ही स्विट्जरलैंड की टेबल पर अहम व्यक्ति होंगे.जबकि समझौता हो रहा है फिर खामेनेई क्यों अंडरग्राउंड हैं? ईरान की तरफ से कहा जा रहा है कि अमेरिका के साथ जो भी समझौते हो रहे हैं वो सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की गाइडलाइंस के हिसाब से ही हो रहे हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 15 जून (सोमवार) को तेहरान में सरकार के सीनियर अधिकारियों के साथ एक बैठक की.

1000055862

इस बैठक में उन्होंने विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची और पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद गालीबाफ समेत डील कर रही पूरी टीम को बधाई दी. पेजेश्कियन ने इस डील को ईरानी सरकार की तीनों शाखाओं और सशस्त्र बलों की एकता, सहानुभूति और कॉर्डिनेशन की जीतबताया. इसके साथ ही पेजेश्कियन ने ये भी कहा कि समझौते पर साइन करने के लिए जो टीम भेजी जा रही है वो इस्लामिक रिपब्लिक के नेता की तय गाइलाइंस और नीतियों के अनुसार ही फैसला करेगी. यानी ईरान के राष्ट्रपति ये तो साफ-साफ कह रहे हैं कि जो भी डील होगी, वो मुज्तबा खामेनेई के अनुसार ही होगी लेकिन उनकी मौजूदगी को लेकर कोई जानकारी नहीं साझा की गई है.अगर 19 जून को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच सभी मुद्दों पर सहमति बन जाती है तो टकराव पूरी तरह खत्म होने की संभावना है. संभवत: इस डील के बाद ईरान में हालात सामान्य हो जाएं. पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को जुलाई के पहले हफ्ते में सुपुर्द-ए खाक किए जाने की भी सूचना है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट में दावा है कि 4 जुलाई से अंतिम संस्कार की रस्में शुरू होंगी, और 9 जुलाई को खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद में दफन कियाजाएगा. उम्मीद की जा रही है कि मुज्तबा खामेनेई अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल हो सकते हैं और दुनिया के सामने आ सकते हैं. 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के हमले में परिवार के अन्य सदस्यों समेत सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हुई थी. तब से लेकर अबतक मुज्तबा खामेनेई जनता के बीच नहीं आए हैं. उनके घायल होने की भी खबरें आती रही हैं. युद्ध की शुरुआत में हालांकि, अमेरिका और ईरान मुज्तबा के खात्मे की बातें करते थे लेकिन अब अमेरिका नरम पड़ गया है. ट्रंप ये भी कह चुके हैं कि अगर मुज्तबा उनसे मिलना चाहें तो वो मिल सकते हैं. उधर, सुप्रीम लीडर की कुर्सी मिलने केबाद भी मुज्तबा बाहर नहीं आए हैं. उन्होंने सिर्फ वीडियो संदेश के जरिए जनता को संबोधित किया है. ऐसे में अब अमेरिका से समझौता होने की स्थिति में मुज्तबा सामने आकर ईरान की कमान संभालते हुए दिखाई दे सकते हैं.

Comments
Sharing Is Caring:

Related post