पीके शाही ने अपने पद से दिया इस्तीफा,नीतीश कुमार के थे सबसे करीबी
बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. 14 जनवरी 2023 में ललित किशोर के महाधिवक्ता पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने राज्य के महाधिवक्ता पद की जिम्मेदारी संभाली थी. वह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास लोगों में शामिल हैं. ऐसे में इस इस्तीफे के बाद नई चर्चा शुरू हो गई.नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री काल में पीके शाही 2005 से 2010 तक भी बिहार के महाधिवक्ता रह चुके हैं. नीतीश कुमार ने उनको 2010 से 2015 तक बिहार शिक्षा मंत्री भी बनाया. 2023 में पीके शाही बिहार के 22वें महाधिवक्ता के रूप में जिम्मेवारी संभाली थी लेकिन अब बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद पीके शाही ने इस्तीफा देने का बड़ा फैसला लिया है.

पूर्व शिक्षा मंत्री पीके शाही लंबे समय से नीतीश कुमार के भरोसेमंद लोगों में जाने जाते रहे हैं. लंबे समय से सरकार का पक्ष कोर्ट में रखते रहे हैं. पीके शाही को नीतीश कुमार ने ही राजनीति में भी लाया और विधान परिषद का सदस्य बनाया. बाद में शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी थी.अब सरकार बदलने के बाद इसे सामान्य बदलाव के रूप में देखा जाता है लेकिन नीतीश कुमार के नजदीकी पीके शाही का अचानक इस्तीफा देने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा भी है. ऐसे में अब देखना है कि सम्राट चौधरी महाधिवक्ता पद की जिम्मेदारी किसे देते हैं?महाधिवक्ता पीके शाही का पूरा नाम प्रशांत किशोर शाही है. उनका जन्म 3 जुलाई 1955 को हुआ था. बीएचयू से 1979 में उन्होंने लॉ की डिग्री हासिल की. इसके बाद 1980 में वह बार काउंसिल में शामिल हुए और पटना उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की. 1990 में महज 35 वर्ष की उम्र वह हाईकोर्ट में सरकारी वकील नियुक्त हुए. 2005 में नीतीश कुमार की सरकार ने एडवोकेट जनरल नियुक्त किया. शिक्षा मंत्री के अलावे पर्यावरण एवं वन और योजना विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.
