चेतन आनंद हो गए खुश,नीतीश कुमार के खिलाफ बोलकर आनंद मोहन ने बेटे को दिला दी उप मंत्री का दर्जा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ का पुनर्गठन कर दिया है. इस समिति में शामिल सदस्यों को राज्य मंत्री और उप मंत्री का दर्जा दिया गया है. मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं, जबकि डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं. बाहुबली अनंत सिंह का पत्नी नीलम देवी को भी समिति में रखा गया है.पुनर्गठित समिति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश अध्यक्ष तथा विधायक उमेश कुशवाहा को उपाध्यक्ष बनाया गया है. खास बात यह कि पुनर्गठित समिति में नबीनगर से जेडीयू के विधायक चेतन आनंद का नाम भी शामिल किया गया है. चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन के बयान से हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में काफी गर्माहट देखने को मिली थी. अब उनके बेटे को समिति में रखकर स्थिति को संभालने की कोशिश की गई है.जारी अधिसूचना के अनुसार समिति के अन्य सदस्यों में ललन कुमार मंडल, चेतन आनंद, भरत बिन्द, संगीता कुमारी, सिद्धार्थ सौरव, मुरारी प्रसाद गौतम, प्रह्लाद यादव, नीलम देवी, जगन्नाथ ठाकुर, भारती मेहता, राजेश कुमार वर्मा और चंदन कुमार सिंह का नाम शामिल है.

अधिसूचना में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि समिति के दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री और सभी सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा दिया गया है. समिति में शामिल बिहार विधानमंडल के सदस्यों को सदन के सदस्य के रूप में मिलने वाले वेतन, भत्ता एवं सुविधाओं को पूर्व की तरह मिलते रहेंगे. साथ ही इस नए दर्जे से मिलने वाली जो सुविधा होगी, वो अलग होगी और, वह सरकार से प्राप्त करेंगे. यह भी स्पष्ट किया गया है कि अन्य व्यक्तियों पर बाद में मनोनयन किया जाएगा.इस समिति में उन विधायकों का भी मनोनयन किया गया है, जिन्होंने पिछली बार नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने के बाद एनडीए की सरकार के गठन के वक्त फ्लोर टेस्ट में एनडीए सरकार का साथ दिया था. तब फ्लोर टेस्ट के वक्त संगीता कुमारी, चेतन आनंद, प्रह्लाद यादव और मुरारी प्रसाद गौतम ने सरकार का साथ दिया था. अब इन सभी के नाम राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में शामिल में किए गए हैं.
