केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल से मरीज परेशान,बिहार में दवा दुकानदारों की हड़ताल से बढ़ी परेशानी
बिहार में दवा कारोबारियों की हड़ताल का असर पूरे राज्य में देखने को मिल रह है। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा विक्रेताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में दुकानों का शटर गिरा गया है। वह ई-फॉर्मेसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी पटना के अशोक राजपथ, जीएम रोड, बेली रोड, आईजीआईएमएस के बाहर दवा दुकानें बंद हैं। यही हाल मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, गया, भागलपुर, दरभंगा और अन्य जिलों का भी है। यहां भी सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद रहे। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष परसन कुमार सिंह ने कहा कहा कि 20 मई को रात 12 बजे तक राष्ट्रीय स्तर पर दुकानों को बंद करने का हमलोगों ने फैसला लिया है। सरकार से हमलोगों की मांग पर ध्यान दें। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव प्रभाकर कुमार ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

साथ ही बाजार में नकली दवाओं की बढ़ती शिकायतों को लेकर भी नाराजगी जताई और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने सरकार से संबंधित अधिसूचनाओं को वापस लेने और दवा बिक्री के लिए नई नियामक व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे दवा कारोबार में पारदर्शिता आएगी और मरीजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।दवा कारोबारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में मजबूर होकर राज्यव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द समाधान नहीं निकालती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इधर, अचानक दवा दुकानें बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। कई लोग जरूरी दवाओं के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। हालांकि, पटना समेत कई जगहों जन औषधी केंद्र खुल हैं। आम लोग यहां से दवा ले सकते हैं।
