क्लास 12 के अंकों के आधार पर मेडिकल में मिलेगा एडमिशन?तमिलनाडु के सीएम विजय ने कर दी बड़ी मांग
नीट 2026 की परीक्षा रद्द होने के बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बार-बार पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों की ओर से केंद्र सरकार को दोषी ठहराया गया है। इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने भी नीट के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए केंद्र सरकार से इसे खत्म करने की मांग की है। विजय ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना और इसका रद्द होना खामियों और संरचनात्मक दोषों का निर्णायक सबूत है। विजय ने कहा कि तमिलनाडु सरकार शुरुआत से ही लगातार और सर्वसम्मति से नीट का विरोध करती रही है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों और तमिल माध्यम के छात्रों को भारी नुकसान होता है।मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि नीट को समाप्त किया जाए और राज्यों को कक्षा 12 के अंकों के आधार पर सीटें भरने की अनुमति दी जाए।केंद्र सरकार द्वारा कथित पेपर लीक की खबरों के बाद तीन मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करने के बाद फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) ने बुधवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की प्रणालीगत विफलता को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है।नीट 2026 के कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और देश भर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। सीबीआई ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर 12 मई 2026 को नीट परीक्षा के संचालन में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से संबंधित एक मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन जयपुर से, एक गुरुग्राम से और एक नासिक से पकड़ा गया है। सीबीआई फिलहाल इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों का पता लगाया जा सके। देश भर में चल रहे तलाशी अभियान का उद्देश्य इस रैकेट से जुड़े और सबूत इकट्ठा करना है।

वहीं,आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है.जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. नासिक के प्रिंटिंग प्रेस में प्रश्नपत्र छापे गए थे. शुभम खैरनार प्रिंटिंग प्रक्रिया से जुड़ा था, असली सवालों को गेस पेपर नाम दिया गया. गेस पेपर के 150 सवाल NEET के पेपर से मैच हुए. परीक्षा से 3 हफ्ते पहले ही सर्कुलेशन शुरू हो गया था. टेलीग्राम के जरिए राजस्थान, दिल्ली, आंध्र समेत 10 राज्यों में नेटवर्क फैलाया गया.मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. ऑनलाइन क्लास में वही सवाल बताए गए जो लीक पेपर में थे, क्लास के लिए 50-50 हजार रुपये लिए गए. छात्रों को कहा गया, “महत्वपूर्ण सवाल बता रहे हैं”. 25-30 लाख रुपये में गेस पेपर बेचे गए.FAIMA (फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा हो, NTA की कार्यप्रणाली पर भरोसा उठ चुका है, इसलिए इसका पुनर्गठन किया जाए. वहीं खान सर ने NTA पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे ‘नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी’ बताया और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया है.विशेषज्ञों के मुताबिक नई परीक्षा कराने में 25-30 दिन पेपर सेट करने में, फिर प्रिंटिंग में लगेंगे. संभावना है कि परीक्षा जुलाई में होगी, रिजल्ट अगस्त-सितंबर में. ऐसे में नया शैक्षणिक सत्र नवंबर-दिसंबर तक शुरू हो पाएगा, जिससे छात्रों का पूरा साल प्रभावित होगा।
