पश्चिम में लू तो पूर्वोत्तर में बरसेंगे मेघ,जानिए कैसा रहने वाला है इन राज्यों का मौसम?
भीषण गर्मी के मौसम में पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत में मौसम कहर बरपा रहा है। आंधी-तूफान, गरज और चमक के साथ तेज बारिश से जुड़ी घटनाओं में बिहार और झारखंड में छह लोगों की जान चली गई है, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। मौसम के इस बदले मिजाज का असर पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक देखने को मिल रहा है, जहां छिटपुट से लेकर भारी बारिश हो रही है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। फिलहाल इससे राहत मिलने की उम्मीद भी नहीं है, क्योंकि उत्तर-पश्चिम भारत में 11 मई से आंधी-तूफान और बारिश का एक नया दौर शुरू होने वाला है।भारतीय मौसम विभाग के अनुसार,रविवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान बिहार, झारखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और उत्तरी कर्नाटक में छिटपुट स्थानों पर 50-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और बारिश हुई। पटना में आए भीषण तूफान में पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। इससे तीन लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह चरमरा गई। झारखंड के कोडरमा जिले में बीती रात भीषण बारिश के दौरान बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। ये तीनों एक ही परिवार के सदस्य थे। राज्य सरकार ने चार-चार लाख मुआवजे की घोषणा की है।आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर के राज्यों, गुजरात और तमिलनाडु में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और चमक और गरज के साथ बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश में रामपुर, रोहरू और कल्पा जिलों में भीषण तेज हवाएं चलीं और बिजली कौंधी।

मौसम विभाग ने प्रदेश का चार जिलों में 12 और 13 मई को आंधी-तूफान और बिजली कौंधने की संभावना जताई है।आईएमडी ने 11 मई से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। 10 मई को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ेगा, जबकि गुजरात के सौराष्ट्र, कच्छ और पश्चिम राजस्थान में लू चलने की आशंका है। दूसरी ओर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश, आंधी और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने किसानों को मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण सब्जी और फलों की फसलों को नुकसान हो सकता है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।आईएमडी ने बताया है कि दक्षिण पश्चिम मानसून निर्धारित समय के हिसाब से आगे बढ़ रहा है और इसके 1 जून को केरल के तट पर पहुंचने का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो चुकी हैं, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जहां सामान्य तौर पर भारत में मानसून की पहली दस्तक होती है, अब अनुमानित आगमन से लगभग दो सप्ताह दूर हैं।मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलों का दौर अब थमता नजर आ रहा है। मौसम साफ होते ही प्रदेश में तेज गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। मौसम विभाग ने 12 मई से कई इलाकों में हीट वेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की है। रविवार से ही तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आने के संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले कुछ दिन प्रदेश में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिलेगा।
