गांधी मैदान में होगा सम्राट कैबिनेट का शपथ ग्रहण,मंत्रिमंडल में सभी जातियों का रखा जाएगा ख्याल!
बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हलचल तेज हो गई है। बांस-बल्लों से घेराबंदी की जा रही है। बड़ा मंच सजने लगा है और मजदूर तत्परता से काम में लगे हुए हैं। वजह बंगाल के चुनाव का परिणाम नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार और शपथ ग्रहण का होना है। मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा और उस मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे, इन सवालों पर अब लगभग विराम लग जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दिल्ली से पटना लौट गए हैं। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लंबी बातचीत की है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जेब में उन नामों की सूची है, जो बिहार सरकार के मंत्रिमंडल के नए चेहरे होंगे। सियासी गलियारों में चर्चा है कि 6 मई को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा, लेकिन यह कार्यक्रम राजभवन में नहीं, बल्कि गांधी मैदान में किया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक इस बार का कैबिनेट विस्तार महज संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि 2025 के मिशन की तैयारी माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो लिस्ट में तीन चीजों का खास ख्याल रखा जा सकता है। पहला जातीय संतुलन, जिसमें हर वर्ग को साधने की कोशिश की जाएगी। दूसरा, युवा बनाम अनुभव जिसमें पुराने दिग्गजों के साथ-साथ नए और तेजतर्रार चेहरों को मौका दिया जा सकता है। और तीसरा,महिला प्रतिनिधित्व जिसमें आधी आबादी को कैबिनेट में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की पूरी उम्मीद है। फिलहाल पटना के गांधी मैदान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। इस शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है. पीएम मोदी के साथ-साथ एनडीए शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई कद्दावर नेता इस समारोह का हिस्सा बनेंगे. यह आयोजन न केवल सरकार के विस्तार का प्रतीक होगा, बल्कि बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है।इस बीच चर्चा है कि इस बार मंत्रिमंडल में ‘नया चेहरा’ फॉर्मूले पर काम किया जा रहा है.

लगभग 30 से 40 प्रतिशत पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, ताकि युवा और ऊर्जावान नेताओं को मौका दिया जा सके. इसमें सामाजिक समीकरणों (जातीय संतुलन) का भी खास ख्याल रखा जा रहा है. चिराग पासवान की पार्टी और जीतन राम मांझी की ‘हम’ से भी नए चेहरों को जगह मिल सकती है।बीजेपी की तरफ से यह जानकारी भी सामने आ रही है कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में पार्टी नए चेहरे को मौका दे सकती है. बताया यह भी जा रहा है कि भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण के संतुलन को बनाए रख सकती है. वहीं जदयू की तरफ से यह जानकारी सामने आ रही है कि पार्टी अपने पुराने चेहरे को मौका दे सकती है. वहीं एनडीए के अन्य सहयोगी दल लोजपा रामविलास और हम पार्टी अपने पुराने चेहरे को ही मंत्रिमंडल विस्तार में मौका दे सकते हैं. सबसे दिलचस्प स्थिति राष्ट्रीय लोक मोर्चा की तरफ से बनती हुई दिख रही है. देखना यह होगा कि रालोमो अपने कोटे से किसे मंत्री बनाएगी।सम्राट चौधरी की लिस्ट में पहले से दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय, विजय सिन्हा, नीतीश मिश्र और जनक राम के अलावा नीरज कुमार बब्लू का नाम प्रमुखता से शामिल है। इसके अलावा संगठन से जुड़े कुछ नये चेहरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए इसे जरूरी बताया जा रहा है। बीजेपी किसी युवा चेहरे को मौका देकर सबकों चौंकाना चाहती है। इसके अलावा एक सकारात्मक संदेश लोगों में देने की प्लानिंग कर रही है। वो चेहरा कौन होगा, उसका खुलासा जल्द किया जाएगा।
