जानिए कैसा रहेगा यूपी-बिहार सहित इन राज्यों का मौसम?तेज आंधी के साथ होगी बारिश!
देश में मई के महीने में गर्मी के बजाय मौसम बदल गया है.दिन में धूप आने के बाद अचानक मौसम सुहावना हो जा रहा है.आंधी,बारिश,ओले और बिजली चारों का एक साथ हमला कई राज्यों में देखने को मिल रहा है.मौसम विभाग ने जो चेतावनी जारी की है. 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी न सिर्फ पेड़ों और बिजली के खंभों को गिरा सकती है, बल्कि जनजीवन को पूरी तरह ठप भी कर सकती है. सवाल यह भी है कि क्या यह सामान्य प्री-मानसून गतिविधि है या बदलते जलवायु का नया चेहरा? क्योंकि जिस तरह एक साथ 17 राज्यों में अलर्ट जारी हुआ है, वह हाल के सालों में मई के महीने में कम ही देखने को मिला है।दिलचस्प यह है कि यह मौसम सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक हर जगह इसका असर दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और स्थानीय वेदर सिस्टम का ऐसा मेल बना है कि पूरा देश एक साथ मौसम के दबाव में है. उत्तर भारत में जहां धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि का खतरा है, वहीं पूर्वोत्तर में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की आशंका है. दक्षिण भारत में भी राहत के साथ हल्की बेचैनी है क्योंकि बारिश के बावजूद गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि लोग न सिर्फ मौसम अपडेट पर नजर रखें, बल्कि सतर्क भी रहें।बिहार में मौसम का रुख इस समय सबसे ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यहां बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है. पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया जैसे जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है. कई इलाकों में पहले ही ओले गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इससे किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है. मौसम विभाग ने खास तौर पर लोगों को खुले में न रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और मोबाइल फोन का सीमित इस्तेमाल करने की सलाह दी है. ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा होती हैं, इसलिए वहां अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है.झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल रहा है और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. रांची, बोकारो, धनबाद, देवघर, गिरिडीह और दुमका जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां जल निकासी की समस्या पहले से बनी रहती है.

मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 से 48 घंटे तक यह स्थिति बनी रह सकती है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.उत्तर प्रदेश में मौसम इस समय पूरी तरह से सक्रिय मोड में है और कई जिलों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है. मेरठ, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर जैसे बड़े शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे बिजली के खंभे, पेड़ और कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा बना हुआ है. पिछले 24 घंटों में कई जिलों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहना जरूरी है।दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों के भीतर मौसम ने ऐसा पलटा मारा है कि लोगों को गर्मी से राहत के साथ-साथ एक अलग तरह की सतर्कता भी महसूस हो रही है. धूल भरी तेज आंधी, अचानक घने बादल और फिर झमाझम बारिश इन तीनों ने मिलकर पूरे इलाके का तापमान नीचे ला दिया है. कई जगहों पर पेड़ गिरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं. 5 मई को भी मौसम विभाग ने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. हवा की रफ्तार 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, लेकिन आंधी के समय झोंके इससे ज्यादा तेज हो सकते हैं. सबसे बड़ी राहत यह रही कि AQI में सुधार दर्ज किया गया है, जिससे हवा पहले की तुलना में साफ हुई है और लोगों को सांस लेने में राहत मिली है।
