केरल में प्रधानमंत्री मोदी ने बदला चुनावी हवा,भाजपा के लिए इतनी आसान नहीं है जीत!

 केरल में प्रधानमंत्री मोदी ने बदला चुनावी हवा,भाजपा के लिए इतनी आसान नहीं है जीत!
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पीएम मोदी ने शनिवार को केरल के तिरुवल्ला में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केरल में इस बार माहौल बदल गया है। यहां की जनता ने एलडीएफ की विदाई का मन बना लिया है और एनडीए की सरकार बनने जा रही है।केरल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस बीच पीएम मोदी केरल के तिरुवल्ला विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे। पीएम मोदी ने यहां पहुंचने के बाद सभा को संबोधित करते हुए श्री वल्लभम और तिरुवल्लुवर को प्रणाम किया। इसके अलावा सबरीमाला और स्वामी अय्यप्पा को नमन भी किया। पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “एनडीए पर आपका विश्वास और केरल की महिलाओं का अपार समर्थन पूरे राज्य में स्पष्ट है। मैं पहले भी यहां आ चुका हूं, लेकिन इस बार परिस्थितियां भिन्न हैं, माहौल बदल गया है। केरलम एक ऐतिहासिक परिवर्तन के लिए तैयार है। 9 अप्रैल को मतदान के बाद, भाजपा-एनडीए गठबंधन 4 मई को केरलम में सरकार बनाने जा रहा है।पीएम मोदी ने आगे कहा, “हाल ही में #MeraBoothSabseMazboot अभियान के दौरान मेरी केरल के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ व्यापक बातचीत हुई। केरल के 5,000 शक्ति केंद्रों से 1,25,000 से अधिक कार्यकर्ता जुड़े और अपने विचार साझा किए। एक बात स्पष्ट थी कि केरल ने एलडीएफ सरकार को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है। मेरे पहुंचने पर मैंने देखा कि कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले पूरे रास्ते पर भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। वामपंथी मानव श्रृंखला की बात करते हैं, लेकिन केरल के लोगों ने एनडीए के प्रति अपना प्रेम मानव दीवार बनाकर दिखाया है।”पीएम मोदी ने कहा, “एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों ने लंबे समय से इस क्षेत्र की उपेक्षा की है। संपर्क मार्ग जर्जर हालत में हैं। वर्षों से कोई नया पुल नहीं बना है, और मेडिकल कॉलेज की हालत बेहद चिंताजनक है। बुनियादी ढांचे की इस कमी से यह स्पष्ट है कि आपके जीवन स्तर पर कितना गंभीर प्रभाव पड़ा है। जब केंद्र में एलडीएफ और यूडीएफ सत्ता में थे, तब केरल को इससे कहीं कम सुविधाएं मिलीं। मोदी सरकार के कार्यकाल में, उस अवधि की तुलना में राज्य को पांच गुना अधिक धनराशि आवंटित की गई है।नॉर्थईस्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पूर्वोत्तर में, जहां ईसाई आबादी काफी अधिक है, एनडीए ने 7 राज्यों में सरकार बनाई है। हमने दशकों से लंबित कार्यों को पूरा किया है। गोवा में भी, जहां ईसाई समुदाय की अच्छी खासी आबादी है, हम सेवा और विकास को गति प्रदान करना जारी रखे हुए हैं। केरल में, हम सरकार बनाएंगे, जीवन स्तर में सुधार करेंगे और मछुआरों और स्थानीय समुदायों की चिंताओं का समाधान करेंगे। सबरीमाला रेलवे परियोजना से पूरे क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे और सबरीमाला तीर्थयात्रियों से सीधा जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार केअवसर पैदा होंगे। हालांकि, राज्य सरकार ने इस परियोजना में लगातार बाधाएं खड़ी की हैं। केरल में भाजपा की दोहरी इंजन सरकार सत्ता में आते ही ये बाधाएं दूर हो जाएंगी।”उन्होंने कहा, “यदि किसी समूह को एनडीए की नीतियों से सबसे अधिक लाभ हुआ है, तो वह महिलाएं हैं। महिला सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। हमने उनके जीवन के हर स्तर पर चुनौतियों का समाधान करने के लिए काम किया है। शौचालय निर्माण और बैंक खाते खोलने से लेकर उनके नाम पर घर उपलब्ध कराने और मुद्रा ऋण के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने तक, हमने उनकी नींव मजबूत की है। हम महिला स्वयं सहायता समूहों का भी समर्थन कर रहे हैं और लखपति दीदी कार्यक्रम ने शानदार परिणाम दिए हैं। हमने पहले ही 3 करोड़ लखपति दीदियां बनाई हैं और 3 करोड़ और बनाने का लक्ष्य रखा है। यदि केरल में भाजपा सरकार बनती है, तो महिलाओं को सबसे अधिक लाभ होगा।पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया है। 16 से 18 अप्रैल तक संसद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विचार-विमर्श करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए पुनः सत्र शुरू करेगी। हमारा लक्ष्य 2029 से संसद में 33% महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। जनसंख्या के आधार पर आरक्षण में कटौती की अफवाहें हैं। हम देश को आश्वस्त करना चाहते हैं कि किसी भी सीट में कमी नहीं की जाएगी। सीटें बढ़ेंगी, और इससे दक्षिण भारत सहित देश भर के राज्यों को लाभ होगा। इस विषय पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के साथ बैठक भी बुलाई गई है। मैं सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक का एकजुट होकर समर्थन करने का आग्रह करता हूं।

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यह महिलाओं को सशक्त बनाने और हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने के बारे में है।”पीएम मोदी ने आगे कहा, “केरल एक गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है, जहां युवा रोजगार की तलाश में राज्य छोड़कर जा रहे हैं। केरल को रोजगार, मजबूत उद्योग, सेवा क्षेत्र में विकास, कौशल का महत्व और स्टार्टअप को समर्थन की आवश्यकता है। लेकिन सबसे बड़ी बाधाएं भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक राजनीति बनी हुई हैं। केरल तभी आगे बढ़ सकता है जब ये बाधाएं दूर हों। इसके लिए एलडीएफ और यूडीएफ दोनों को हराना होगा।” पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पश्चिमी एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को उजागर कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है कि खाड़ी देशों में कैसे हालात बने हैं, और वहां हमारे लाखों लोग, केरल के हमारे भाई-बहन काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं, जिससे पश्चिमी एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए। वो तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपना ही परिवार मानकर रक्षा कर रही हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसीभाषा बोली जा रही है। मैं उनको कहकर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। वहां रह रहे हमारे लाखों भाई-बहनों की सुरक्षा ही हमारा दायित्व है। इसलिए अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को, हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ न हो। कांग्रेस को इसकी परवाह नहीं है। उन्हें सिर्फ राजनीति और सत्ता की चिंता है। कांग्रेस को भारत की जनता की कोई परवाह नहीं है। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।”कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझ लें। हम यहां ऐसा कोई बयान दे दें और गल्फ कंट्री से भारतीयों को बाहर निकाल दिया जाए। इसलिए कांग्रेस गल्फ कंट्री को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे, राजनीति अपनी जगह है, चुनाव आते-जाते रहेंगे। मेरे लिए केरल के लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए प्रतिबद्ध हूं। वामपंथी कांग्रेस को भाजपा की बी टीम कहते हैं।कांग्रेस वामपंथियों को भाजपा की बी टीम कहती है। वे ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि वे सच्चाई जानते हैं। अगर केरल में कोई ए टीम है, तो वह भाजपा है।”पीएम मोदी ने कहा, “सबरीमाला में हुई लूटपाट में एक स्पष्ट पैटर्न नज़र आ रहा है। ये घटनाएं एलडीएफ शासन के दौरान हो रही हैं, लेकिन इनका संबंध कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से है। एलडीएफ ने जांच सीबीआई को नहीं सौंपी है, जिससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस, जो मंदिरों से जुड़े मुद्दों से काफी हद तक दूर रही है, अब दिखावा कर रही है और खुद को हिंदू समर्थक दिखाने की कोशिश कर रही है। एनडीए सरकार बनने के बाद, एलडीएफ और यूडीएफ दोनों की गहन जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। स्वामी अय्यप्पा के भक्त न्याय के अलावा और कुछ नहीं चाहते।एलडीएफ और यूडीएफ के लोग झूठ बोलने में माहिर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केरल फाइल्स झूठ है, उन्होंने कहा कि कश्मीर फाइल्स झूठ है, उन्होंने कहा कि धुरंधर झूठ है। इन दिनों वे एफसीआरए और यूसीसी के बारे में झूठ फैला रहे हैं। गोवा में दशकों से यूसीसी लागू है, लेकिन वे इसके बारे में झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने सीएए के बारे में भी ऐसा ही किया था। वे झूठ फैलाने का धंधा करते हैं।”

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