इंटर और मैट्रिक के परीक्षार्थी ध्यान दें,ये गलती करने पर छूट जाएगा एग्जाम!

 इंटर और मैट्रिक के परीक्षार्थी ध्यान दें,ये गलती करने पर छूट जाएगा एग्जाम!
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बिहार बोर्ड की इंटर और मैट्रिक परीक्षाओं को लेकर इस बार ज्यादा ही सख्ती देखने को मिल रही है. परीक्षा केंद्रों पर एंट्री को लेकर नियम पहले से कड़े थे अब उनमें और सख्त नियम जोड़े गए हैं. एग्जाम्स सेंटर्स को बोर्ड की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षार्थियों को तय समय से पहले ही सेंटर पर पहुंचना होगा. एंट्री के लिए गेट सिर्फ आधे घंटे के लिए ही खुलेगा.इंटर की परीक्षा 2 फरवरी से शुरू हो रही है और इसके लिए सुबह की पाली में सेंटर का मुख्य गेट सुबह 8.30 बजे खुलेगा और ठीक 9 बजे बंद कर दिया जाएगा. यानी जो छात्र 9 बजे के बाद पहुंचेंगे उन्हें किसी भी हाल में अंदर जाने की इजाजत नहीं मिलेगी. प्रशासन ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे सुबह 8 बजे तक अपने-अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं. दूसरी पाली में यही व्यवस्था दोपहर 1 बजे से 1.30 बजे तक रहेगी.इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशासनिक, पुलिस और शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ तैयारी की समीक्षा की. उन्होंने साफ कहा कि नियम तोड़ने या जबरदस्ती घुसने की कोशिश करने वालों पर सख़्त कार्रवाई होगी.

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अगर कोई परीक्षार्थी देर से आने पर चारदीवारी फांदने या जबरन प्रवेश करने की कोशिश करता है तो उसे आपराधिक मामला माना जाएगा.परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था भी और कड़ी की गई है. इस बार परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के लिए जाने वाले अधिकारी भी मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे. उन्हें अपना मोबाइल गाड़ी में ही छोड़ना होगा. प्रशासन का मानना है कि इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी पर रोक लगेगी.जिले में इस बार इंटर की परीक्षा 81 केंद्रों पर कराई जा रही है जबकि पिछले साल यह संख्या 74 थी. सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि प्रवेश समय की जानकारी बड़े-बड़े अक्षरों में केंद्र के बाहर लगाई जाए, ताकि छात्रों को किसी तरह की दिक्कत न हो.परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगी. इसके बाद आंसर शीट्स की जांच की प्रोसेस शुरू होगी. बिहार बोर्ड ने मूल्यांकन की तारीखें भी तय कर दी हैं. इंटर की कॉपियों की जांच 27 फरवरी से शुरू होगी, जबकि मैट्रिक की कॉपियों का मूल्यांकन 2 मार्च से किया जाएगा. जिले में इंटर के लिए पांच और मैट्रिक के लिए छह मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं.डीईओ कुमार अरविन्द सिन्हा ने बताया कि परीक्षकों की अस्थायी सूची जारी कर दी गई है. केंद्र निदेशक, सुपरवाइजर और कम्प्यूटर शिक्षकों को 29 जनवरी को पटना में आयोजित वर्कशॉप में ट्रेनिंग दी जाएगी, जहां बिहार बोर्ड के अधिकारी कॉपी जांच के नियम और सिस्टम समझाएंगे.

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