वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कराने में मोदी सरकार को नहीं होगी दिक्कत,राज्यसभा से भी मिल जाएगी हरी झंडी
मोदी सरकार ने हाल ही में वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया। इसके बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के लिए जेपीसी का गठन किया गया। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई दलों के 21 सांसदों को शामिल किया गया है। विधेयक को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है। हालांकि, एनडीए के पास लोकसभा में बहुमत है, लिहाजा उसे इस विधेयक को यहां पास कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी। वहीं, राज्यसभा की बात करें तो उसके पास छह नामित सदस्यों के समर्थन के साथ मामूली बहुमत है, जिससे कहीं न कहीं उच्च सदन का भी रास्ता साफ है।हाल ही में हुए उपचुनावों के बाद वर्तमान में राज्यसभा में 234 सांसद हैं।

इसमें भाजपा के 96 सदस्य और इसके सहयोगी दलों के साथ यह संख्या 113 है। छह मनोनीत सदस्यों को मिलाकर एनडीए के सांसदों की संख्या 119 हो जाती है, जो 117 के बहुमत के आंकड़े से दो अधिक है।राज्यसभा में कांग्रेस के 27 सदस्य हैं और इसके सहयोगी दलों के 58 सदस्य हैं। इनके जुड़ने से विपक्षी गठबंधन के सदस्यों की संख्या 85 हो गई है। प्रमुख तटस्थ दलों में नौ सदस्यों वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और सात सदस्यों वाली बीजद शामिल हैं।अन्नाद्रमुक के चार सदस्य, तीन निर्दलीय और छोटे दलों के अन्य सांसद हैं, जो दोनों बड़े समूहों में से किसी से भी नहीं जुड़े हैं।
