क्या छात्र आंदोलन से हेमंत सरकार पर बढ़ेगा दबाव?17 दिन बाद अब आंदोलन हुआ उग्र

 क्या छात्र आंदोलन से हेमंत सरकार पर बढ़ेगा दबाव?17 दिन बाद अब आंदोलन हुआ उग्र
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दिल्ली से एक हजार किलोमीटर दूर झारखंड की राजधानी रांची में 17 दिन से जारी छात्र आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया. रांची की सड़कों पर पुलिस-छात्र आमने-सामने आ गए. प्रदर्शन की तपिश विधानसभा तक महसूस की गई. जिस रास्ते से सीएम सदन तक जाते हैं, वहां सैकड़ों छात्र नजर आए. रांची में दिनभर बवाल होता रहा. प्रदर्शनकारियों पर कभी पानी की बौछार हुई तो कभी उन्हें लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा. पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे. इन सबके बावजूद छात्रों का हौसला नहीं टूटा, वो डटे रहे.रांची में सोमवार को छात्रों का विधानसभा मार्च था. तय समय पर वो सड़कों पर उतर गए. पुलिस ने उनको रोकने के लिए कंटीले तार और बैरिकेड की दीवार खड़ी की, लेकिन आंदोलनकारियों की हिम्मत के आगे ये दीवार काम नहीं आई. वो आगे बढ़ते रहे और बढ़ते बढ़ते 7वें और आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए.

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ड्रोन कैमरों से निगरानी हो रही थी, लेकिन हजारों की संख्या में निकले छात्रों के लिए ये कैमरे और बैरिकेडिंग कमजोर साबित हुई. प्रदर्शनकारी छात्र कंटीले तार की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिनको जहां जगह मिली उसने वहीं धरना शुरू कर दिया.मार्च के लिए निकले छात्र बड़ी संख्या में विधानसभा तक पहुंच गए. अलग-अलग रास्तों से छात्र विधानसभा परिसर तक पहुंचे. झारखंड विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में दंगे-तसाद और भीड़ रोकने वाली धारा 163 लगाई गई थी. 1500 से ज्यादा जवान सुरक्षा में तैनात थे.ऐसे में छात्र आगे बढ़े तो पुलिस का एक्शन शुरू हो गया. छात्रों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल हुआ. उनको खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का भी इस्तेमाल हुआ. इस पर गुस्साए छात्रों ने बोतल और चप्पलें फेंकीं. 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे. वो पहले एंबुलेंस और बाद में स्ट्रेचर पर दिखे और इसी तरह वो आंदोलन में हिस्सा लिया. बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया.छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी कारण लाठियां चलाई, जिससे अफरा-तफरी मची. उधर पुलिस का कहना है कि छात्रों ने पत्थरबाजी की, जिससे माहौल खराब हुआ. वहीं, रांची में हुए विधानसभा मार्च से कुछ रोचक और दिलचस्प तस्वीरें भी आईं. आंदोलन के समर्थन में आया एक शख्स पुष्पा के लुक में नजर आया. वो विधानसभा मार्च में भी शामिल हुआ. तो एक प्रदर्शनकारी स्पाइडरमैन की वेश भूषा में पहुंचा. रांची से आए ये अलग-अलग वीडियो वायरल हो रहे हैं.एक तरफ आंदोलन चल रहा है तो दूसरी तरफ कुछ सरकारी एक्शन भी हुए हैं. JPSC यानी Jharkhand Public Service Commission के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते को CID ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया. परीक्षा घोटाले की जांच कर रही CID उनसे पहले ही चार बार पूछताछ कर चुकी है. खियांगते पर JPSC अध्यक्ष रहते हुए ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPL को परीक्षा का काम देने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है.छात्र JPSC और JSSC परीक्षा घोटाले की CBI जांच पर अड़े हुए हैं.वो JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार चाहते हैं.परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की भी डिमांड है.कथित गड़बड़ियों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग है.भर्ती परीक्षाओं को समय पर आयोजित करने और रिजल्ट के साथ नियुक्ति प्रक्रिया में देरी रोकने की व्यवस्था चाहते हैं.सरकार से छात्रों की कई दौर की वार्ता हो चुकी है. उनकी कुछ मांग मानी जा चुकी है, जबकि कई मुद्दों पर बात नहीं बन रही है.विधानसभा मार्च के बाद छात्रों ने साफ कर दिया कि सरकार से अब कोई बातचीत नहीं होगी. सरकार को उनकी मांगें माननी ही पड़ेंगी.इस मामले में राज्य CID के अलावा केंद्र की एजेंसी ED भी एक हफ्ते पहले केस दर्ज कर चुकी है. एक तरफ छात्र सड़क पर हैं तो दूसरी तरफ विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है.प्रदर्शन के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नेता बाबू लाल मरांडी सीएम हेमंत सोरेन के घर के बाहर धरने पर बैठ गए. उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत बीजेपी के कई विधायक थे. परीक्षा मुद्दे पर वो उनका इस्तीफा मांग रहे थे. बाद में पुलिस ने बीजेपी नेताओं को हिरासत में ले लिया. बाद में भाजपा ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन किया है और मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है.कुल मिलाकर देखें तो सीएम हेमंत सोरेन पर अब दबाव बढ़ता जा रहा है. सोमवार को उनका जन्मदिन भी था, जिस पर उन्हें आंदोलन वाला गिफ्ट मिला. दूसरी ओर सीएम सोरेन ने एक बयान जारी कर कहा कि आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई. लोकतंत्र में अपनी बात रखने का आपका अधिकार है और आपकी आवाज का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार ने आपकी बात सुनी है. हमारे सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण आपसे लगातार संवाद करते रहे हैं और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होगी.दूसरी ओर, झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस भी सहयोगी है. लिहाजा रांची में आंदोलन पर कांग्रेस से भी सवाल हो रहे हैं. राहुल गांधी ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा…झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ बल के इस्तेमाल को उन्होंने गलत बताया. सरकार से समस्या का समाधान निकालने की बात कही. पिछले हफ्ते राहुल ने आंदोलनकारी छात्रों से फोन पर बात भी की थी.

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