बहुत जल्द भारत में शामिल होगा PoK?उमर अहमद इलियासी ने किया बड़ा दावा
ऑल इंडिया इमाम संगठन के प्रमुख डॉक्टर उमर अहमद इलियासी ने एक बड़ा बयान दिया है। कश्मीर घाटी के दौरे पर पहुंचे मुख्य इमाम इलियासी ने दावा किया कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) बहुत जल्द भारत का हिस्सा बनने जा रहा है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को पीओके की ‘घर वापसी’ बताया है। श्रीनगर में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मुख्य इमाम इलियासी ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का एक अटूट अंग है। उन्होंने कहा कि वह दिन अब दूर नहीं जब यह फिर से भारत में शामिल हो जाएगा। इलियासी ने कहा कि आज वहां के हालात बेहद खराब हैं और वहां रहने वाले लोग खुद भारत के साथ आने को बेताब हैं।डॉक्टर इलियासी ने दावा किया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लोग अब घुटन महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां के नागरिक खुद चाहते हैं कि एक जनमत संग्रह कराया जाए, जिससे वे खुलकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें। इलियासी ने दावा किया कि वहां के लोग भारत में शामिल होने की अपनी इच्छा को पूरी दुनिया के सामने रखना चाहते हैं।जब मुख्य इमाम से इस बड़े बदलाव की वजह पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि साल 2019 में जब से केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया है, तब से घाटी की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में शानदार सड़कें बन रही हैं, रेल कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, बड़े पैमाने पर अवसंरचना का काम हो रहा है और अमन-चैन का माहौल है। घाटी के इसी विकास को देखकर सरहद पार यानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रहने वाले लोगों की आंखें खुली हैं। वे देख रहे हैं कि भारत के कश्मीर में लोग कितनी तरक्की और शांति से रह रहे हैं, जबकि वे खुद कंगाली और बदहाली से जूझ रहे हैं।मुख्य इमाम ने आगे कहा कि आज दुनिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। पीओके के लोग भी अब खाली वादों और गरीबी से तंग आ चुके हैं।

वे भारत की इस शानदार विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं। यही वजह है कि वहां लगातार पाकिस्तान के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं।उन्होंने पहलगाम के बैसरन इलाके में पिछले साल हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी. इलयासी ने कहा कि इस घटना के बाद कुछ समय के लिए पर्यटन प्रभावित हुआ, लेकिन अब हालात सामान्य हैं. उन्होंने लोगों से कश्मीर घूमने आने की अपील की और कहा कि यहां डर का कोई माहौल नहीं है.पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता. उन्होंने उम्मीद जताई कि Narendra Modi शांति स्थापित करने में भूमिका निभा सकते हैं.दरअसल में उमर अहमद इलियासी ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के मुख्य इमाम हैं। AIIO की वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने पंजाब की देश भगत यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। वेबसाइट पर यह भी दावा किया गया है कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी मस्जिद के इमाम को इतनी बड़ी डिग्री से सम्मानित किया गया है। उनके बारे में कहा गया है कि वे उन गिने-चुने इस्लामी विद्वानों में से एक हैं, जो उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ बेहद स्पष्ट और मुखर रूप अपनाते हैं। इलियासी 2022 में आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत से दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित मस्जिद में एक मुलाकात के बाद चर्चा में आए थे। उमर अहमद इलियासी ने मोहन भागवत को ‘राष्ट्रपिता’ भी बताया था।
