गोल्ड में जल्द आएगी भयंकर गिरावट?आ गया बड़ा खबर!

 गोल्ड में जल्द आएगी भयंकर गिरावट?आ गया बड़ा खबर!
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पिछले तीन-चार दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है, जबकि वैश्विक उथल-पुथल के कारण बीते एक साल से इनके भाव लगातार रिकॉर्ड स्तर छू रहे थे. ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस गिरावट के दौरान सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा या फिर दाम और नीचे आने के इंतजार में रहना बेहतर होगा. दरअसल, इस हफ्ते रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद सर्राफा बाजार में आई बड़ी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ती उम्मीदें मानी जा रही हैं.सोने और चांदी में आई गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से केविन वार्श को यूएस फेडरल रिजर्व के प्रमुख पद के लिए नामित किए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं.

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इससे ब्याज दरों में कटौती को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, जिसका असर सीधे डॉलर और कीमती धातुओं पर पड़ा है. इसके अलावा, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और दीर्घकालिक नीतिगत संकेतों का असर भी बाजार .घरेलू स्तर पर बजट 2026 में सोने-चांदी को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ, जिससे इन धातुओं को कोई खास समर्थन नहीं मिल पाया. अब बाजार की नजरें आरबीआई के आगामी फैसलों, अमेरिका के रोजगार आंकड़ों और पीएमआई डेटा पर टिकी हुई हैं, जिनके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कीमतों में स्थिरता आएगी या फिर आगे और उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में अनिश्चितता बनी रहेगी. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, आने वाले समय में इन धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, ऐसे में निवेशकों को सतर्कता के साथ कदम उठाने की जरूरत है. इसी बीच रविवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही, जहां वायदा कारोबार में चांदी की कीमत नौ प्रतिशत टूटकर 2.65 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि सोना तीन प्रतिशत गिरकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया.मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में मार्च डिलीवरी वाली चांदी निचले सर्किट पर बंद हुई. जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के ईबीजी—कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के उपाध्यक्ष प्रणव मेर के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोना3q अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से करीब 20 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि चांदी लगभग 37 प्रतिशत फिसल चुकी है, जो हालिया तेज मुनाफावसूली और कीमतों में आई अत्यधिक तेजी के बाद की स्वाभाविक गिरावट को दर्शाता है.

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