ईरान के आगे नतमस्तक होगा अमेरिका?24 घंटे में हीं ट्रंप की फेल हुई सारी रणनीति
अमेरिका के लिए ब्लैक फ्राइडे एक ब्लैक डे में बदल गया. ईरानी सेना ने ऐलान किया कि उनकी एयर डिफेंस सेनाओं ने शुक्रवार को कम से कम दो लड़ाकू विमानों और पांच ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया. शनिवार को जारी एक बयान में इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने ईरान के कई प्रांतों में सफल इंटरसेप्शन की एक सीरीज के बारे में जानकारी दी.बयान के मुताबिक IRGC की एयरोस्पेस रक्षा सेना के लड़ाकू विमानों ने खोमीन और ज़ंजन के आसमान में दो क्रूज मिसाइलों का सफलतापूर्वक पता लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया. इसके अलावा इस्फहान के आसमान में दो MQ-9 हमलावर ड्रोन मार गिराए गए और बुशेहर के आसमान में एक हर्मेस ड्रोन नष्ट कर दिया. इसके अलावा ईरान ने F-35 गिराने का भी दावा किया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.IRGC ने कहा कि ये इंटरसेप्शन उसके एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करके किए गए, जो देश के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क के नियंत्रण में संचालित होती है. लापता पायलट की तलाश जारी है और ऐसी खबरें हैं कि वह सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकलने (eject) में असफल रहा.जेट गिराए जाने के बाद उसके पायलट को ढूंढने गए दूसरे विमान को भी ईरानी बलों ने मार गिराया. एक अमेरिकी अधिकारी ने NBC News को बताया कि आज पहले एक जेट गिराए जाने के बाद, एक दूसरा अमेरिकी विमान भी ईरानी हमले की चपेट में आ गया है. ईरान की ओर से F-15 को मार गिराए जाने के बाद, एक सिंगल-पायलट वाला विमान, जिसे खोज और बचाव अभियान में सहायता के लिए तैनात किया गया था भी ईरानी हमले की चपेट में आ गया. अधिकारी ने बताया कि वह सिंगल-पायलट वाला विमान एक A-10 थंडरबोल्ट था, जिसे ‘वॉरहॉग’ के नाम से जाना जाता है.अधिकारी ने बताया कि A-10 कुवैती हवाई क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहा, जहां पायलट विमान से बाहर निकल गया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अधिकारी के मुताबिक पायलट सुरक्षित है और A-10 कुवैत में गिरा है.ईरान ने खोज और बचाव कार्य में लगे दो UH 60 ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया, अधिकारी ने बताया कि इस हमले में सेवा सदस्यों को मामूली चोटें आईं, लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं.

कुल मिलाकर ईरान ने एक ही दिन में दो सैन्य विमानों F-15 और A-10 को क्रैश कर दिया और दो ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया. यह सब राष्ट्रपति ट्रंप के अपने प्राइम टाइम संबोधन में यह कहने के 48 घंटे से भी कम समय के भीतर हुआ कि ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है।वहीं दूसरे तरफ ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय ध्वज वाले जहाज के साथ ही तीन अन्य जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं. इन जहाजों ने नए समुद्री रास्ते से होर्मुज पार किया है. मतलब यह कि कमर्शियल जहाजों के लिए समुद्र में एक नया रास्ता खुल गया है. इसे वैश्विक समुद्री परिवहन पर दबाव कम होने का शुरुआती संकेत के रूप में देखा जा रहा है. एक भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज ने भी होर्मुज पार किया है. AIS सिग्नल से उसकी पहचान MSV कुबा MNV 2183 के रूप में हुई. यह जहाज दुबई से 31 मार्च को रवाना हुआ था. फिलहाल यह ओमान के दिब्बा पोर्ट से करीब 40 किलोमीटर दूर खुले समुद्र में दिखाई दे रहा है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज माल से लदा हुआ है या नहीं और ये जा कहां रहा है.जंग के बाद से ही ईरान ने जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही के लिए एक नया, लंबा शिपिंग मार्ग खोला है. यह ईरान के प्रादेशिक जल और क़ेशम और लारक द्वीपों के बीच एक संकरे मार्ग से होकर गुजरता है. रिपोर्टों के मुताबिक, IRGC अलग-अलग मामलों के आधार पर जहाजों को परमिशन देता है और क़ेशम और लारक स्थित अपने नौसैनिक अड्डों से जहाजों की पहचान को वरिफाई करता है. तेहरान जहाज से जाने वाले कच्चे तेल के प्रति बैरल पर 1 अमेरिकी डॉलर का टोल वसूलता है।
