भाजपा नेताओं के रहने-खाने का पैसा कौन दे रहा?उपचुनाव से पहले प्रशांत ने खेला इमोशनल दांव
जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव में जीविका दीदियों द्वारा बीजेपी का प्रचार करने पर रोक लगाने समेत कई मुद्दों पर बात रखी. पीके ने छात्रों के आंदोलन पर भी बड़ा बयान दिया है. पीके ने कहा कि हम लोग सिर्फ चुनाव आयोग को डेलीगेशन भेजकर या प्रेस वार्ता कर रुकने वाले नहीं हैं. बीजेपी ने 1 हजार वर्कर, नेता, अभिनेता लगाए हैं वह उनका अधिकार है, लोकतंत्र में सभी पार्टी का अधिकार है कि जो भी लोकतांत्रिक तरीके से सही है वो कर सकते हैं.जनता उसे देखेगी कि एक प्रशांत किशोर को हराने के लिए बांकीपुर में बीजेपी को कितनी ताकत लगानी पड़ रही है. कितने नेता-संसाधन लगाने पड़ रहे हैं. एक तरीके से जन सुराज के हम लोग इसे अपनी जीत मानते हैं. जो भाजपा के नेता, विधायक, सांसद और मंत्री अपने क्षेत्र में नहीं जा रहे थे. कम से कम चुनाव परिणाम आने से पहले ही ये लोग बांकीपुर की जनता के पास जा तो रहे हैं. ये बड़ी लोकतांत्रिक जीत है. ये जीत जन सुराज की नहीं बल्कि बांकीपुर के उन मतदाताओं की है जिन्होंने यह तय कर लिया है कि वो किसी राजनीतिक दल के किसी विचारधारा के बंधुआ मजदूर नहीं हैं. उनके पास विकल्प है तो उसे जांचेंगे-परखेंगे अगर सही लगेगा तो मतदान भी करेंगे.पीके ने आगे कहा कि यहां तक तो ठीक है राजनीति में आप 500 नेता बुलाइए, हमें दिक्कत नहीं है. लड़ाई लड़ी जाएगी. दिक्कत ये है कि आप प्रशासन का इस्तेमाल सिर्फ दबाव बनाने के लिए नहीं कर रहे हैं. हम लोग जानते हैं कि जिसकी सरकार रहती है थोड़ा बहुत वह दूसरों को परेशान करते हैं. जन सुराज के जो लोग होटलों में रुके हैं, अपने खर्चे से भी आएं हैं, हर दिन उन होटलों में रेड हो रहा है.

भाजपा के लोग और इलेक्शन कमीशन यह बताए कि भाजपा के लोग यहां आकाश में रुके हैं. आखिर उन होटलों पर रेड क्यों नहीं हो रहा है? उनसे क्यों नहीं पूछा जा रहा है कि आपका बिल कौन दे रहा है? भाजपा के इतने लोग आए हैं उनके रहने-खाने का पैसा कौन दे रहा है? यह भी तो बताइए.प्रशांत किशोर ने कहा कि डीएम को सिर्फ ट्वीट हटाने से नहीं होगा उनको यह ऑर्डर पास करना होगा कि कोई भी जीविका से जुड़ी महिला, कर्मचारी, अर्धसरकारी कर्मचारी चुनाव का हिस्सा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि कल जो घटना हुई है पटना के डीएम ने जो ऑफिशियल ट्वीट करके वही घिनौना काम किया जो नवंबर 2025 विधानसभा चुनाव में हुआ था. वोटरों के जागरूकता के नाम पर जो सरकार के हॉफ पेड कर्मचारी जीविका दीदियां हैं उनके जरिए महिलाओं तक फिर से पहुंच कर उनको यह बताना कि अगर आप एनडीए को, भाजपा को वोट नहीं देंगे तो सरकारी सुविधाएं जैसे आपका अनाज-पेंशन सब बंद कर दिया जाएगा.कल पूरे दिन जीविका दीदियां बैठक करके घर-घर जाकर यह बता रही हैं कि अगर आप भाजपा को वोट नहीं करेंगी तो सरकार से मिलने वाली सारी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी. और यह तब हुआ है जब पटना के डीएम ने यह ट्वीट किया है कि जीविका दीदियों को यहां लगाया गया है उनको जिम्मा दिया है कि वे घर-घर जाएं, महिलाओं के बीच में बैठकर जागरूकता के नाम पर भाजपा के लिए वोट मांगे. इलेक्शन कमीशन से हम लोगों के साथी दो बार मिल चुके हैं. आज हम लोग फिर ऑब्जर्वर से मिलेंगे. हमारे साथियों ने बताया कि अधिकारियों ने कहा कि वे बिल्कुल आश्चर्य चकित हैं क्योंकि चुनाव में सिर्फ सरकारी कर्मचारी भाग ले सकते हैं.अर्ध सरकारी जीविका दीदियों का चुनाव में भाग लेना, उनको ऑफिशियली हिस्सा बनाना यह सरासर बेईमानी है. बिहार के लोगों के साथ लोकतंत्र के साथ और बांकीपुर की जनता के साथ. आज हम लोग इलेक्शन कमीशन के पास जाएंगे उनको अंतिम 24 घंटे का मौका दे रहे हैं अगर कल तक जीविका दीदियों को इलेक्शन की प्रक्रिया से दूर नहीं किया तो हम सब इलेक्शन कमीशन के सामने धरने पर बैठेंगे. ये हम लोग बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं कि फिर वही कीजिए जो आपने नवंबर 2025 में किया था. डीएम को सिर्फ ट्वीट हटाने से नहीं होगा उनको यह ऑर्डर पास करना होगा कि कोई भी जीविका से जुड़ी महिला, कर्मचारी, अर्धसरकारी कर्मचारी चुनाव का हिस्सा नहीं हो सकता है.प्रशांत किशोर ने छात्र आंदोलन पर कहा कि अगर CJP के लोग बिहार आते हैं तो उनका स्वागत करेंगे, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बताता है कि इस देश में विपक्षी दल कमजोर हो सकते हैं लेकिन विपक्ष नहीं, ये शुरुआत है, रुकने वाला नहीं है.प्रशांत किशोर ने कहा कि हर वो व्यक्ति जो सरकार के अलोकतांत्रिक व्यवहार को, उनके कामकाज को चुनौती देना चाहता है, तो हम उसके साथ हैं. मैंने पहले भी कहा है, सोनम वांगचुक मेरे मित्र हैं. जब उनको लद्दाख में आंदोलन के लिए पकड़कर जोधपुर जेल में रखा. उन्होंने ने भी सीजेपी के मंच पर जाकर सपोर्ट किया. ये पार्टी की बात नहीं है, लोगों ने देखा है जब जनता खड़ी हो जाए तो बड़े से बड़े सत्ता को भी झुकना पड़ेगा. अगर, सीजेपी के लोग यहां आते हैं, छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं.उन्होंने कहा कि हम दिल्ली में देख रहे हैं, वो प्रोटेस्ट किसी एक सोनम वांगचुक का नहीं था, प्रोटेस्ट में आए हजारों लोग सीजेपी का झंडा लेकर सीधे नहीं आए थे. जितने भी युवा थे रोज-रोज हो रहे पेपर लीक से, बेरोजगारी से, ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था से परेशान थे. वो किसी एक नेता के पीछे नहीं आए थे, अपने व अपने बेहतर भविष्य के लिए आए थे. खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताने वाली भाजपा की 3 दिन के अंदर सारी हेकड़ी बाहर हो गई. धर्मेंद्र प्रधान जी को जाना पड़ा. आगे देखिए ये शुरुआत है, ये रुकने वाला नहीं है.प्रेस कॉन्फ्रेंस के मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, विधानसभा प्रभारी रामबली चंद्रवंशी, पूर्व विधायक किशोर कुमार, सुभाष कुशवाहा, कुमार सौरव, कुमार शांतनु, राकेश पटेल, मसीउद्दीन, संजय ठाकुर सहित अन्य मौजूद थे.
