खत्म होगा पश्चिम एशिया संकट,ट्रंप ने कर दिया बड़ा एलान,ईरान से बन गई बात!
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अगर अगले पांच दिन ठीक रहे, तो ईरान के साथ चल रहा संकट खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन ईरान ने बातचीत से इनकार किया है। साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई, तो अमेरिका बमबारी जारी रखेगा।पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर अगले पांच दिन सब ठीक रहे, तो ईरान के साथ चल रहा टकराव खत्म हो सकता है।

उन्होंने यह भी साफ किया कि वह ईरान में और हत्याएं नहीं चाहते, लेकिन अगर बातचीत नाकाम रही, तो अमेरिका बमबारी जारी रखेगा।ट्रंप ने कहा कि ईरान ने खुद बातचीत की पहल की है और एक “सम्मानित” ईरानी नेता के साथ बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि आज फोन पर फिर बातचीत होगी। लेकिन ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कोई आधिकारिक बातचीत नहीं चल रही है। इससे दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर सामने आ रहा है।ट्रंप ने कहा कि अगर अगले पांच दिन सकारात्मक रहते हैं, तो यह संकट खत्म हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि किसी समझौते की गारंटी नहीं दी जा सकती। उनका कहना है कि या तो डील होगी या फिर अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। इससे साफ है कि बातचीत और युद्ध दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उन्हें मारना पड़े, लेकिन यह भी कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि वह जिंदा हैं या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना जताई और कहा कि नए नेतृत्व के विकल्पों पर चर्चा हो रही है।ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत है और दोनों देशों के बीच 15 अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि बाजार में ज्यादा तेल उपलब्ध रहे, इसलिए ईरान के तेल पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी गई है।ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस्राइल के नेताओं से बात की है और संभावित समझौते से इस्राइल “बहुत खुश” होगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि इस पूरे घटनाक्रम में इस्राइल भी अहम भूमिका निभा रहा है। फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक तरफ बातचीत के दावे हैं, तो दूसरी तरफ बमबारी की चेतावनी भी जारी है। ईरान की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आने से स्थिति और जटिल हो गई है। आने वाले पांच दिन इस पूरे संकट के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ईरान के ऊर्जा प्लांट्स पर पांच दिन तक हमले रोकने के निर्देश पर तेहरान ने पहली प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद पीछे हट गए हैं।एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, पहली तीन प्रतिबद्धताओं में मिसाइल और यूरेनियम यानी परमाणु से जुड़े मसले शामिल हैं। इसके मुताबिक ईरान अगले पांच साल तक कोई मिसाइल कार्यक्रम नहीं चलाएगा। जिन बिंदुओं पर समझौते होने हैं, उनमें यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाना भी शामिल है। अमेरिका चाहता है कि ईरान नतांज, इस्फहान और फोर्डो परमाणु केंद्रों पर काम बंद करे। बता दें कि इन केंद्रों पर अमेरिका और इस्राइल ने गत वर्ष भी भीषण बमबारी की थी। इसके अलावा सेंट्रीफ्यूज और संबंधित मशीनरी के निर्माण व उपयोग पर भी ईरान से प्रतिबद्धता की अपेक्षा की गई है। अमेरिका चाहता है कि परमाणु से जुड़े इन उपकरणों पर सख्त और बाहरी निगरानी के प्रोटोकॉल बनाकर उसका पालन सुनिश्चित किया जाए।
